प्रवासी मजदूर का शव पहुंचते ही बिलारी गांव में मचा कोहराम

मजदूरी के लिए मुंबई गये गोड्डा के छबिलाल की ट्रेन हादसे में हो गयी मौत

सदर प्रखंड अंतर्गत भतडीहा पंचायत के बिलारी गांव निवासी छबिलाल महतो की शवयात्रा ने पूरे गांव को शोक में डूबो दिया. करीब दो माह पूर्व रोजगार की तलाश में मुंबई के कल्याण क्षेत्र में मजदूरी करने गये छबिलाल की मौत रेल हादसे में हो गयी थी. बताया गया कि वह काम से लौटते समय रेलवे लाइन पार करते हुए ट्रेन की चपेट में आ गये थे. लगभग तीन दिन तक शव कल्याण में ही पड़ा रहा. सोमवार रात जब उनका शव गांव लाया गया, तो परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया. ग्रामीणों की भारी भीड़ ने उन्हें अंतिम विदाई दी. मृतक अपने पीछे पत्नी रोशनी देवी, दो पुत्र रामदेव कुमार महतो और कुंदन कुमार महतो तथा तीन पुत्रियां गीता, रीता और पुष्पा कुमारी को छोड़ गये हैं.

घर का एकमात्र कमाने वाला था छबिलाल

पुत्र रामदेव ने बताया कि उनके पिता ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे. उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के बाद अब तक न सरकार की ओर से कोई सहायता मिली है और न ही ठेकेदार ने मदद की. परिजन स्वयं के खर्चे पर शव को मुंबई से गांव लाये हैं.

अधूरा रह गया एक पिता का अरमान

छबिलाल महतो अपनी तीन बेटियों के हाथ पीले करने का सपना लिए मजदूरी करने मुंबई गये थे. उन्हें उम्मीद थी कि कुछ सालों की मेहनत से वे बेटियों का कन्यादान कर सकेंगे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. उनका सपना अधूरा रह गया और परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा. ग्रामीणों ने कहा कि यदि गोड्डा में रोजगार के पर्याप्त साधन होते, तो स्थानीय लोग बाहर पलायन करने को मजबूर न होते और ऐसी दर्दनाक घटनाएं न होतीं.

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Author: SANJEET KUMAR

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