गोड्डा शहर के रहने वाले मो फिरोज आलम को दिल्ली के ग़ालिब एकेडमी हॉल में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के दौरान 2024 का लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया. नौ जून को आयोजित कार्यक्रम में देश के लगभग सभी प्रांतों से साहित्यकार, शायर व कवि शामिल थे. असनबनी मुहल्ले के रहने वाले मौलाना उस्मान गनी कासमी के पुत्र मो फिरोज आलम को पुरस्कार मिलने के बाद खुशी का माहौल है. रिसर्च स्कॉलर मो फिरोज़ उभरते हुए शायर, लेखक और आदर्श शिक्षक के रूप में अपनी पहचान रखते है. सम्मान कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ दिल्ली द्वारा किया गया था. कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी वासिल अली गुर्जर ने किया था. सेमिनार के मुख्य अतिथि के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो जियाउर्रहमान मौजूद थे. राष्ट्रीय सम्मेलन में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, उर्दू, अरबी, फ़ारसी, हिंदी, बांग्ला भाषा के विशेषज्ञ, कवि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न हिस्सों के स्कूलों और कॉलेजों के अलावे संगठन के प्रांतीय और राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए. जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और लेखक भी कार्यक्रम में शामिल हुए. फिरोज आलम ने बताया कि मंच पर उनका जोरदार स्वागत हुआ. हरियाणवी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया तथा फूलों की माला से लाद दिया गया. कहा कि उनके लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जिंदगी का अहम हिस्सा बना रहेगा. इसका पूरा श्रेय गोड्डा वासियों को जाता है. राष्ट्रीय सम्मान के लिए मां और परिवार के सभी सदस्यों के अलावा प्रोफेसर सफदर इमाम कादरी, हजरत नईम इबरत, हरदिल अजीज़ हाजी इकरारुल हसन, वकील सर्वजीत झा, निसार अहमद, अख्तर हुसैन, मनीष कुमार आदि में हर्ष व्यक्त किया है.
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