चैती नवरात्र के विसर्जन के दिन समाजसेवियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. एक ओर विसर्जन में आए श्रद्धालुओं के लिए नहर चौक पर महाप्रसाद आदि तैयार किया गया, तो वहीं शहर के असनबनी चौक पर हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए मुस्लिम धर्मावलंबियों के द्वारा शरबत आदि का इंतजाम किया गया था. शरबत में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिठास घोलकर लोगों के बीच परोसा गया. असनबनी चौक पर ठंडा शरबत परोसने में हज कमेटी के इकरारूल आलम, खुर्शीद चौधरी, अंजुमन के राजेश अंसारी, मुजीब आलम, लाल अंसारी, जियाउद्दीन, नईम सरदार, मो. सज्जाद, ताहिर अंसारी आदि शामिल थे. सभी के द्वारा जुलूस में आए लोगों को शरबत परोसा गया. इस दौरान सांसद डॉ. निशिकांत दूबे को भी समाज के लोगों द्वारा माला पहनाकर स्वागत किया गया. वहीं नहर चौक पर समाजसेवियों के द्वारा महाप्रसाद तैयार किया गया. इस साल भी 10 क्विंटल चावल, तीन क्विंटल दाल और विभिन्न सब्जियों से खिचड़ी के रूप में महाप्रसाद तैयार किया गया. आयोजकों ने बताया कि हर साल लगभग 10-12 ड्रमों में महाप्रसाद तैयार किया जाता है और विसर्जन में आए श्रद्धालुओं को परोसा जाता है. उन्होंने बताया कि उनकी हर साल की खपत इतनी ही होती है और कई बार अतिरिक्त भी बनाना पड़ जाता है. चार से पांच भट्टियों पर सुबह से महाप्रसाद तैयार किया गया. विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को पत्तल की प्लेटों में महाप्रसाद बांटा जाता है. इस कार्यक्रम में विनोद भगत, मुनमुन सिंह, पंकज शर्मा, पूर्व अध्यक्ष गुड्डू मंडल, प्रमोद प्रसाद, आलोक मंडल, ललन भगत, संतोष कुमार, अमरनाथ साह, जयकांत भारती, राजेश महतो, बबलू मंडल आदि मौजूद थे.
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