हनवारा थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव में एक दिवसीय वार्षिक शैक्षिक एवं जलसा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम का आयोजन गांव के युवाओं एवं बुजुर्गों के संयुक्त प्रयास से किया गया, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से आये उलेमा-ए-कराम, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया. कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था. मंच की भव्य साज-सज्जा और अनुशासित व्यवस्था ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. इस अवसर पर बिशनपुर मकतब के बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसके बाद नात एवं तकरीर का सिलसिला चला. बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और उन्हें भरपूर सराहना मिली. मुख्य वक्ता कारी साबिर एवं मौलाना शम्स तबरेज सहित अन्य उलेमाओं ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और दीनियत शिक्षा का संतुलन समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है. वक्ताओं ने बच्चों को अच्छी तालीम हासिल करने, नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की नसीहत दी. साथ ही अभिभावकों से अपील की गयी कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय और मदरसे भेजें, ताकि वे शिक्षित, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक बन सकें. कार्यक्रम की निजामत अब्दुल वहाब शम्स ने कुशलतापूर्वक निभायी. पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और भाईचारे का वातावरण बना रहा. अंत में दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया. आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर नौशाद आलम, मो मुबारक करीम, डॉ. अलाउद्दीन, मौलाना जहांगीर कासमी, अब्दुल सत्तार, रेहान, इब्राहिम, खुर्शीद आलम, महफूज, अहमद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
उलेमाओं ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर, बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन
हनवारा के बिशनपुर में वार्षिक शैक्षिक एवं धार्मिक जलसा संपन्न
