लीड....सदर अस्पताल में तोड़फोड़, इमरजेंसी वार्ड के नर्सिंग स्टाफ व गार्ड के साथ मारपीट व बदसलूकी

-मौत के बाद सदर अस्पताल में परिजनों ने मचाया हंगामा, एक घंटे तक मची रही अफरा-तफरी

गोड्डा सदर अस्पताल में बुधवार की सुबह 55 वर्षीय अधेड़ की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया. आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड के इमरजेंसी सेवा में लगे नर्सिंग स्टाफ सहित गार्ड के साथ बदसलूकी व मारपीट की. वहीं इमरजेंसी रूम के टेबल, कुर्सी, पंखा व फ्रीज को भी तोड़फोड़ दिया. पूरे अस्पताल में तकरीबन एक से डेढ़ घंटे तक अफरा तफरी मची रही. घटनाक्रम के दौरान सभी लोग परेशान रहे. अस्पताल में मारपीट व हंगामा के दौरान किसी को भी घुसने नहीं दिया. मामला पूरी तरह बिगड़ने के बाद नगर थाना की पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने सदर अस्पताल आकर मोर्चा संभाला. जानकारी होने पर डीएसपी हेडक्वार्टर जेपीएन चौधरी सहित कई पुलिस कर्मी पहुंच गये और मामले में पहल की. तकरीबन एक से डेढ़ घंटे के बाद मामला शांत हुआ, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली.

निजी अस्पताल में हालत बिगड़ने के बाद लाया गया था सदर अस्पताल

जानकारी के अनुसार कोरका गांव के गोरेलाल मंडल को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. गोरेलाल मंडल का पहले किसी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. वहां हालत बिगड़ने के बाद सदर अस्पताल लाया गया, जहां तुरंत इलाज के दौरान मौत हो गयी. इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गये और अपना आपा खो दिया. परिजनों का कहना था कि अस्पताल में ऑक्सीजन दिये जाने में लापरवाही हुई. इस वजह से रोगी की जान चली गयी. अस्पताल में वार्ड बॉय उस समय नहीं था. मरीज को रूम में ले जाने के क्रम में वे गिर गये और थोड़ी ही देर में मौत हो गयी. हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार इलाज में कोताही नहीं बरती गयी है. मरीज की हालत काफी गंभीर थी. भर्ती करने के बाद मरीज की तुरंत मौत हो गयी. इसमें किसी का कोई दोष नहीं है.

बेवजह स्वास्थ्यकर्मियों को किया गया टारगेट

स्वास्थ्य कर्मियों ने आरोप लगाया कि मरीज के परिजनों द्वारा बेवजह स्वास्थ्यकर्मियों को टारगेट किया गया. मौत के बाद देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. पहले केजुल्टी वार्ड के नर्सिंग स्टाफ से परिजन उलझ गये. बचाने गये गार्ड से भी बदसलूकी की, जिसके बाद मामला और भी बिगड गया. दोनों ओर से कहासुनी होने लगी और मारपीट हो गयी. इस घटना में नर्स निर्मला को हाथ में चोट आयी है. वहीं एक महिला गार्ड को भी हाथ में महिलाओं द्वारा नोंच कर घायल कर दिया गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया गया. पुलिस ने आने के बाद मोर्चा संभाला. नगर थानेदार दिनेश महली सहित एसआई व पुलिस कर्मियों ने मामले में शामिल दोनों पक्षों को दूर किया. हंगामा कर रहे परिजनों को समझाते हुए सदर अस्पताल से बाहर किया गया.

घटना के बाद अस्पताल में पूरे दिन लचर रही स्वास्थ्य व्यवस्था

घटना के बाद अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ सहित आउटसोर्सिंग के कई स्टाफ विरोध प्रदर्शन में बैठ गये. घटना का विरोध करते हुए आरोपियों के गिरफतारी की मांग की जा रही थी. इसका परिणाम यह हुआ कि सदर अस्पताल में ओपीडी में केवल चिकित्सक ही बैठे रहे और नर्सिंग स्टाफ नदारद रहे. ऐसे में इलाज में भारी असुविधा हुई. मरीजों को परेशान होना पड़ा. यहां तक की मरीजों को पर्ची कटाने के लिए भी बार-बार काउंटर पर जाना पडा. लेकिन पर्ची काटने के लिए भी कोई तैयार नहीं हुआ. यह हाल पूरे दिन रहा. मतलब कुल मिलाकर बुधवार को सदर अस्पताल में रोगियों को इलाज के लिए काफी माथापच्ची करनी पड़ी और पसीना बहाना पड़ा.

पूर्व विधायक पहुंचे, मामले की ली जानकारी

वहीं जानकारी होने पर गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल भी सदर अस्पताल पहुंचे. वहां परिजनों का पक्ष जाना और अस्पताल के पक्ष को सुना. दोनों को संयम बरते जाने को कहा. बताया कि अस्पताल में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम नहीं दें.

पोस्टमार्टम कर परिजनों के सौंपा गया शव

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम के बाद ही परिजनों को शव सौंपा गया. सुबह के बाद परिजन दोपहर को शव अपने साथ ले गये. अधेड़ की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था. बेटी व पतोहू आदि का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था.

पथरा से लाये गये पांच साल के बच्चे की मौत, लापरवाही का आरोप

वहीं यह मामला अभी शांति भी नहीं हुआ कि बुधवार की दोपहर को ही नगर थाना क्षेत्र के पथरा से पांच साल के बच्चे को इलाज के लिए लाया गया था. इस बच्चे की भी इलाज के क्रम में सदर अस्पताल में ही मौत हो गयी. मृतक का नाम सरवन महतो पिता पवन कुमार महतो था. बच्चा सुबह से दस्त कर रहा था. चिकित्सक के समक्ष लाने पर बच्चे को देखते ही तीसरे मंजिल पर भर्ती करने की सलाह दी गयी. तीसरे मंजिल पर पहुंचने के साथ ही बच्चे की मौत हो गयी. यहां भी परिजनों ने आरोप लगाया कि ठीक तरीके से नहीं देखा गया. दो मिनट भी ड्यूटी में रहे चिकित्सक ने नही देखा. नहीं तो बच्चे की जान बचायी जा सकती थी.

आये दिन हो हंगामे से निबटने के लिए नहीं है सुरक्षा व्यवस्था

सदर अस्पताल में इस प्रकार की घटना हो जाती है. इस बार यह मामला गंभीर हो गया. आये दिन इलाज में लापरवाही का आरोप लगातार परिजन व मरीज हंगामा करते है. ऐसे में निबटने के लिए अस्पताल का गार्ड काफी नहीं है. ऐसी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की घोर कमी है. बुधवार की घटना में पुलिस को सूचित किये जाने के बाद थोड़ी देरी हो गयी, जिसके कारण मामला बिगड गया. यदि अस्पताल में ही पुलिस चौकी रहती तो इस प्रकार की घटना नहीं होती.

पोड़ैयाहाट में भी तीन दिन पहले एक नवजात की मौत के बाद हुआ था हंगामा

गोड्डा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था तत्पर होने के बजाय शिथिल पड़ रही है. हाल के दिनों में यह गड़बड़ हो गया है. अभी तीन दिन पहले ही पोड़ैयाहाट में एक नवजात की मौत गर्भ में ही हो गयी थी. प्रसूता को दर्द की हालत में अस्पताल लाया गया था. वहां देर रात प्रसव नहीं कराया गया. प्रसव पीड़ा में ही छोड़ दिया गया. सुबह प्रसव कराया गया, जिसमें नवजात की मौत हो गयी थी. इसके बाद वहां भी परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों ने लापरवाही का आरोप मढ़ा. राजनीतिक दलों के लोग भी मामले को लेकर जुटे और अस्पताल में मामला बातचीत के बाद शांत हुआ.‘अस्पताल में हंगामे व मारपीट को लेकर नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिये गये आवेदन के आधार पर पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा गया है. पूरे प्रकरण में सरकारी संपति को भी नुकसान पहुंचा है और स्वास्थ्य कर्मी आहत हुए हैं. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की मांग डीसी व एसपी से की गयी है. इस प्रकार के मामले से असुरक्षा की भावना बढ़ी है.

-डॉ अरविंद, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल गोड्डा

अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा हुआ है. मारपीट व झड़प हुई है. पूरे मामले को देखा जा रहा है. जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

– जेपीएन चौधरी, डीएसपी हेडक्वार्टर, गोड्डाB

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Author: SANJEET KUMAR

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