ईद-उल-फितर के त्योहार में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता की खुशियों में खलल डाल दिया है. बाजारों में रौनक तो है, लेकिन घरों की रसोइयों से इस बार वह पारंपरिक खुशबू गायब होने का डर सता रहा है, जो ईद की पहचान होती है. गोड्डा जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों पर इन दिनों उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. लोगों का आरोप है कि बुकिंग के हफ्ते भर बाद भी सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है. त्योहार के सीजन और ईरान-इजराइल युद्ध के कारण गैस की किल्लत ने वेटिंग पीरियड को 10 दिन से अधिक तक पहुंचा दिया है. इस स्थिति ने घरों के बजट और महिलाओं की मेहनत पर असर डाला है. महिलाएं एजेंसियों के चक्कर काटने और पूछताछ में अपना कीमती समय गंवा रही हैं, जिसे वे त्योहार की तैयारी में लगाना चाहती थीं. ईद के मौके पर शीर-खुरमा, बिरयानी और कबाब जैसे लजीज व्यंजन मुख्य आकर्षण होते हैं. इन पकवानों को बनाने में काफी समय और ईंधन की जरूरत होती है. इस बार रसोई गैस की किल्लत ने त्योहार के रंग में भंग डाल दिया है. कई घरों में यह डर है कि लजीज बिरयानी, कबाब और मीठी सेवई की खुशबू रसोइयों से गायब हो सकती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस बुकिंग के हफ्तों बाद भी डिलीवरी नहीं मिल रही है. वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि त्योहार के मौके पर सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ गयी है. गैस एजेंसियों का कहना है कि आपूर्ति में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है, लेकिन उपभोक्ताओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है. लोग जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ईद के मौके पर गैस की इमरजेंसी सप्लाई सुनिश्चित की जाये, ताकि किसी के घर का चूल्हा त्योहार पर ठंडा न रहे.
गोड्डा में ईद के मौके पर रसोई गैस की भारी किल्लत, घरों की खुशियों पर संकट
सिलिंडर की लंबी कतारें, बुकिंग में देरी और पारंपरिक व्यंजनों पर खतरा
