राशि दुरुपयोग पर अंकुश लगाने पर प्रायोजित तरीके से कर रहे धरना व प्रदर्शन
गोड्डा : गोड्डा काॅलेज प्राचार्य डॉ ऐके ठाकुर ने पत्र जारी कहा कि लगातार जिस तरह से सेवा संघ की ओर से केवल अपनी मनमानी तथा काॅलेज की राशि के दुरुपयोग के लिये ही प्राचार्य को हटाने की बात कर रहे है. उनके पदस्थापन के दस माह के दौरान कई मामले पर बंदिश लग गयी है.
कहा कि जिस तरह से प्रोफेसर गौरीशंकर सिंह पर लगातार अनियमितता का आरोप लगाया जा रहा है. पूरी तरह से गलत है. उनके साथ अन्य शिक्षकों के तय वेतनमान की तरह की राशि दी जा रही है. पहले भी लगातार पांच वर्षों तक उसी वेतनमान का लाभ लिया जो आज पुन: विवि द्वारा स्वीकृत कर भेजी गयी है. इसके लिये विवि पूरी तरह से भिज्ञ है. श्री ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से गोड्डा काॅलेज में पहले के प्राचार्य की तरह अनियमितता एवं राशि का दुरुपयोग किया जाता था. उसपर अब पूरी तरह से अंकुश लगा है. पहले एक आवेदन पर ही बार-बार छुट्टी ली जाती थी. मगर अब ऐसा नहीं हो रहा है. इससे काॅलेज सेवा शिक्षक संघ के सदस्य परेशान है.
श्री ठाकुर ने कहा कि साथ ही गलत विल लगाने की परंपरा को भी समाप्त कर दिया है. दूसरी तरफ सेवानिवृत्त प्रोफेसर गोपाल प्रसाद सिंह के मामले में कहा कि सेवानिवृत्ति के तीन माह यानि मार्च में उनके कागजात की प्राप्ति काॅलेज को हुई है. अप्रैल माह में मिलने के बाद लगातार छुट्टी रही.17 को सभी प्रायोजित तरीके से धरना व आंदोलन पर उतर गये.
