आग से डेढ़ सौ घर हुये थे खाक
दो दर्जन मवेशी सहित हजारों मुर्गी भी झुलस कर मरी
अबतक नहीं मिला इन बेघर परिवारों को आवास
धोरैया : पिछले वर्ष 11 अप्रैल का दिन भीषण अगलगी के कारण धोरैया के सैनचक पंचायत के महुआटीकर कटहारा के लिये बर्बादी का दिन साबित हुआ था. दोपहर करीब दो बजे गांव में लगी आग की चिंगारी ने देखते ही देखते पूरे गांव को विलीन कर दिया था. करीब डेढ़ सौ घर आग की लपटों में समां गये. आग गांव के ही भोकल राम के घर से शुरु हुई थी और उसके बाद पूरे गांव में तबाही मचा दी. लोगों को अपने सामान को बचाने का एक भी मौका नहीं मिला. पछुआ हवा की झौंकों ने आग में घी का काम किया
और पूरा गांव इसकी चपेट में आ गया. भयंकर अगलगी की इस घटना में करीब दो दर्जन गाय व बकरी भी झुलस कर मर गयी. जबकि हजारों मुर्गीयां भी इसकी चपेट में आकर मर गयी थी. अगलगी की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी सीओ सह बीडीओ गुरुदेव प्रसाद गुप्ता, थानाध्यक्ष शोएब आलम, धनकुंड ओपीध्यक्ष राजीव रंजन गांव पहुंचे थे. ग्रामीणों के सहयोग तथा दमकल द्वारा आग पर जब तक काबू पाया जाता तबतक सबकुछ जलकर राख हो चुका था. अगलगी में सभी घरों में रखा अनाज, कपड़ा व बर्तन सभी जलकर राख हो गये थे.
घटना के बाद करीब पंद्रह दिनों तक विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं व जिला प्रशासन के अधिकारियों के गांव पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी था. कुछ सरकारी सहायता राशि देकर पीड़ितों को आवास मुहैया कराने की बात कही गयी थी. इसके लिये सर्वे कराकर कर्मचारियों द्वारा रिपोर्ट भी तैयार की गयी थी. लेकिन करीब एक साल बाद भी आवास इन पीड़ितों को नसीब नहीं हुआ.
शंभुगंज : प्रखंड क्षेत्र के कुन्था घोषपुर गांव में सोमवार की देर शाम आग लगने से एक घर जलकर राख हो गया. जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के कामतपुर पंचायत के कुन्था घोषपुर गांव में मकई पकाने के दौरान विंदेश्वरी यादव के फुंस के घर में आग पकड़ गया. आग लगने की शोर पर जबतक ग्रामीण दौड़े तब तक उनके घर में रखा अनाज, कपड़ा, वर्तन, जेवरात सहित कई कीमती सामान जलकर राख हो गया. गांव में पानी की किल्लत के कारण आग बुझाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी हुई. घंटों मशक्कत के बाद ग्रामीणों द्वारा आग पर काबू पाया गया. घटना की सूचना पर पहुंचे कामतपुर पंचायत के मुखिया विशाखा देवी ने अग्नि पीड़ित परिवार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का अश्वासन दिया.
उनका भी घर आग की लपटों में समां गया था. अग्निकांड में बेघर हुए लोगों के हालात अब भी बदतर हैं. जिला प्रशासन द्वारा इनकी सूध ली जानी चाहिये.
सुशीला देवी, मुखिया
