मजबूरी पथरगामा चौक पर रविवार रात आग से राख हो गयी थी 28 दुकानें, अब
बिजली की एलटी तार ने एक झटके में ही दुकानों को राख कर छोटे दुकानदारों को मुसीबत में ला दिया है. सोमवार को दुकानदार अपने अपने दुकानों को फिर से खड़ा करने में जुटे रहे.
पथरगामा : आग से फुटपाथ दुकान राख होने के बाद पीड़ित दुकानदारों को परिवार के भरण-पोषण की चिंता सताने लगी है. कड़ी मेहनत मेहनत कर बेरोजगारी दूर करने के लिए फुटपाथ पर सामान बेच कर परिवार चलानेवाले ऐसे दुकानदारों के अरमान पर बिजली विभाग के एलटी तार ने पानी फेर दिया था. रविवार रात को सभी घर पर सोये थे कि सुबह में दुकान राख होने की मनहूस खबर मिल गयी. सोमवार को पथरगामा चौक पर अग्नि पीड़ित दुकानदार बिना प्रशासनिक मदद के ही दुकानों को संवारने में जुटे रहे. खूंटा व खंभा गाड़कर फल, सब्जी व सत्तू दुकानदार फिर से दुकानों को संवारने में जुटे रहे.
सब्जी विक्रेता रामजी साह ने बताया कि दिनभर की कमाई से ही बच्चों का भरण-पोषण करते थे. पान दुकानदार मनोज यादव, बबलू दास ने बताया कि दुकान जलने के बाद बच्चे मायूस हैं. वहीं सत्तू विक्रेता टुन्नी दास व अंडा विक्रेता मंटू आदि दिन भर फिर से दुकान को फुटपाथ पर दुकान लगाने की फिराक में जुटे रहे. सभी दुकानदारों ने बताया कि सीओ ने मुआवजा के लिए क्षति संबंधी आवेदन मांगा है. सोमवार को कई दुकानदारों ने आवेदन भी जमा किया है.
सीओ रूद्र प्रताप ने बताया कि दुकानदारों से आवेदन मिलने के बाद आपदा विभाग से सहायता राशि दिलायी जायेगी. याद हो कि रविवार को शॉट सर्किट पथरगामा चौक में 28 दुकान जल कर राख हो गया है. इसमें सात से आठ लाख की संपत्ति राख होने की आशंका जतायी गयी थी. इधर कई दुकानदारों ने बिजली विभाग पर गुस्से का इजहार करते कहा कि शीघ्र कवर तार नहीं लगाया गया तो आंदोलन किया जायेगा.
