सुंदरपहाड़ी में मानव तस्कर गिरोह सक्रिय

तिलाबाद की चार लड़कियों का नहीं चल रहा अता-पता प्रखंड की कई महिलाएं कर रही बिचौलिये का काम बरहेट के कुदवा निवासी गुलाम अंसारी भी है शामिल गरीब आदिवासी पहाड़िया परिवार को बना रहे शिकार निरभ किशोर गोड्डा : गोड्डा के सुंदरपहाड़ी में मानव तस्करी गिरोह के सदस्य सक्रिय हैं. भोली-भाली पहाड़िया आदिवासी लड़कियों को […]

तिलाबाद की चार लड़कियों का नहीं चल रहा अता-पता
प्रखंड की कई महिलाएं कर रही बिचौलिये का काम
बरहेट के कुदवा निवासी गुलाम अंसारी भी है शामिल
गरीब आदिवासी पहाड़िया परिवार को बना रहे शिकार
निरभ किशोर
गोड्डा : गोड्डा के सुंदरपहाड़ी में मानव तस्करी गिरोह के सदस्य सक्रिय हैं. भोली-भाली पहाड़िया आदिवासी लड़कियों को दिल्ली, मुंबई व केरल जैसे शहरों प्लेसमेंट व अन्य एजेंसियों को बेचा जा रहा है. तिलाबाद पंचायत की चार नाबालिग लड़कियों का अता पता नहीं चल पा रहा है. परिजन काफी निराश है. मानव तस्करी के इस धंधे में स्थानीय महिलाएं भी बिचौलिये की भूमिका निभा रही है. बरहेट के कुदवा निवासी गुलाम अंसारी नामक बिचौलिये द्वारा रैकेट चलाने का मामला सामने आ रहा है.
केस स्टडी-वन
तिलाबाद पंचायत के तेतरिया गांव की होपनमय मरांडी ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को आठ माह पहले सुंदरमोर की महिला बसंती मुर्मू ने यह कहकर ले गयी कि छह हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दी जायेगी. कहां लेकर जायेगी यह नहीं बताया. उसके जाने बाद मां से संपर्क नहीं हो पाया है. बसंती देवी से पूछने पर बताती है कि एक साथ खूब सारा पैसा लेकर एक दो साल में आयेंगी.
केस स्टडी-टू
तेतरिया गांव परगना टूडू ने बताया कि ढ़ाई वर्ष पहले टेसोबथान गांव की एक महिला ताला बेटी हेंब्रम काम के दिलाने के नाम पर उनकी 14 वर्षीय बेटी को ले गयी है. उसके साथ सोनालाल हांसदा की 16 वर्षीय बेटी भी काम करने गयी थी. बरहेट थाना क्षेत्र के कुदवा गांव के गुलाम अंसारी ले गया था. गुलाम दोनोें के साथ कई अन्य नाबालिग लड़कियों नौकरी दिलाने के नाम पर ले गया. कुछ दिन तक तो बेटी का इंतजार किया. मगर अब निराश ही हाथ लगी है.
केस स्टडी-थ्री
कालाझोर पंचायत के कालाझोर गांव की 15 वर्षीय पहाड़िया लड़की भी छह माह पहले बरहेट के गुलाम ने ही कुछ लड़कियों के साथ बाहर ले गया था. पिता विरुआ पहाड़िया से काम दिलाने की बात कह कर ले गया था. वह कहां गयी और कहां है. इस बात की जानकारी उसके परिजनों को नहीं है.
केस स्टडी-फोर
तिलाबाद गांव के ही मानटोला एक और लड़की चार माह पहले गुजरात गयी थी. उसे गोड्डा प्रखंड के दलदली गांव की महिला महिला बिचौलिया केरला ले गयी थी. मांझी सोरेन की मौत डेढ़ वर्ष पहले हो गयी है. एक वर्ष पूर्व अनिता उसे गुजरात से रेस्क्यू कर लाया गया था. उसने चाय बगान में काम कराये जाने की बात कही थी. बतायी थी कई और लड़कियों से सिर्फ खाना खलाकर काम लिया जा रहा था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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