सोनीपत में 29 सब जूनियर नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप कर चुका है प्रतिनिधित्व है प्रेमचंद महतो
खरखोदिया में हुए 30 वां सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी राज्य को दिला चुका है मेडल
गोड्डा : कभी देश व राज्य को ताज दिलानेवाला नेटबॉल का नेशनल खिलाड़ी प्रेमचंद महतो आज दाने-दाने को मोहताज हो गया है. सरकारी व सिस्टम ने उसे इस हाल में पहुंचा दिया है. ऐसे खिलाड़ियों को न तो सरकारी सहायता राशि दी जाती है और न ही उनके जीवन स्तर को सुधारने की कोशिश की जाती है. हरियाणा के सोनीपत में 29 सब जूनियर नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने, खरखोदिया में ही 30 वां सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेकर राज्य व जिला का नाम रोशन करनेवाले राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रेमचंद महतो आलू के खेत में मजदूरी कर पेट पाल रहा हैं.
पिपरा गांव निवासी प्रेमचंद्र महतो ने बताया कि पिता आनंद महतो पेशे से मजदूर है. जबकि मां भगवती महिला समूह से जुड़कर आर्थिक स्थिति को ठीक करने का हर संभव प्रयास कर रही है. बहन काजल व भाई राजकुमार महतो को पढ़ने के साथ खेल में भी आगे लाने की तमन्ना नेशनल खिलाड़ी को है.
खेल फंड की राशि नहीं पहुंचती प्रतिभा तक : राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनालिसा कुमारी ने बताया कि खेल फंड की राशि प्रतिभा तक नहीं पहुंच पाती है. इन फंडों पर किन माफियाओं की नजर रहती है यह नहीं जानते हैं. सिस्टम में खामी का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ता है. अधिकारियों की ओर से भी खेल फंड के बारे में कोई जांच-पड़ताल नहीं की जा रही है.
प्रतिभावान खिलाड़ियों का टूट रहा हौसला
जिला नेटबॉल सचिव गुंंजन कुमार झा ने बताया कि मेहनत करनेवाले खिलाड़ियों को जिला प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिलता है. इस कारण जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों का हौसला टूट रहा है. नेशनल खिलाड़ी प्रेमचंद्र को आगे बढ़ाने के लिए अपने स्तर से ही प्रयास करना पड़ता है.
राज्य स्तर पर मेडल पानेवाला व राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करनेवाले नेशनल खिलाड़ी प्रेमचंद महतो सिस्टम व तंत्र ने इस हाल में पहुंचा दिया है. ऐसे खिलाड़ी व सरकारी खेल फंड की राशि के दुरुपयोग के मामले को लेकर सीएम को पत्र लिखा जायेगा.
– अरुण कुमार साहा, अध्यक्ष, जिला नेटबॉल संघ
