निरीक्षण. ललमटिया हादसा स्थल पर पहुंचकर सांसद ने कहा
एक घंटे तक खदान दुर्घटना के डेंजर जोन का लिया जायजा
इसीएल के सीएमडी, जीएम व तकनीकी सहायक भी थे साथ
कहा: पीएम व कोयला मंत्री के निर्देश गठित हुई जांच टीम
स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलने का उठाया मामला
आउट सोर्सिंग में बाहर के लोगों से काम कराने पर जतायी नाराजगी
बोआरीजोर/हनवारा : राजमहल कोल परियोजना स्थित इसीएल के भोड़ाय साइट स्थित खदान हादसे स्थल का सोमवार काे निरीक्षण सांसद निशिकांत दुबे व इसीएल के सीएमडी राजीव रंजन मिश्रा ने किया. वहीं तकनीकी सहायक बी के शुक्ला साथ ही परियोजना के जीएम ओपी देवेंद्र नायक साथ में थे. सुरक्षा पोशाक में सांसद श्री दुबे के साथ पदाधिकारियों ने तकरीबन एक घंटे तक खदान दुर्घटना वाले डेंजर क्षेत्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सांसद श्री दुबे ने कहा कि घटना दुखद व अप्रत्याशित है. इसके लिए दोषियों को निश्चित रूप से सजा मिलनी चाहिए.
जांच के बाद दोषी पाये जाने पर किसी को भी नहीं बख्शा जायेगा. सभी सलाखोंं के पीछे रहेंगे. घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कोयला मंत्री पीयूष गोयल गंभीर है. उनके द्वारा ही टीम का गठन कर जांच करायी जा रही है. सांसद श्री दुबे ने बताया कि कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार देने में कोताही कर रही है तथा नियमों का उल्लंघन कर रही है. मरनेवाले में एक भी स्थानीय मजदूरों का नहीं होना कंपनी के कारगुजारी को दिखताा है. 2012 से अब तक चलनेवाले आउटसोर्सिंग कंपनी महालक्ष्मी का विरोध किया है. मगर स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रत्येक माह हजारों लीटर डीजल व पेट्रोल तमाम सुविधाओं को लेने की फिराक में रहे. लोगों के हित के बारे में आज तक इसीएल के खिलाफ कुछ नहीं बोला. इससे साफ जाहिर होता है कि विरोध करने वाले सभी लोग दिखावे के लिये ही विरोध कर रहे हैं.
झामुमो कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
सांसद श्री दुबे के लौटने के बाद ओसीपी जीरो प्वाइंट के पास झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनको ज्ञापन सौंपा है. साथ ही झामुमो कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा लहराया. नेतृत्व झामुमो नेता सुरेंद्र मोहन केशरी ने किया .श्री केशरी ने स्थानीय कंपनियों को हटाये जाने की मांग की. साथ ही स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी दिलाने की भी मांग सांसद के समक्ष रखी.
