विरोध. छह सूत्री मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जिलाध्यक्ष का आमरण अनशन शुरू
मलवे में दबे मजदूरों के शव को बाहर निकालने व इसीएल के काम में स्थानीय मजदूरों को लगाये जाने जैसे महत्वपूर्ण मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनशन शुरू कर दिया है. जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.
हनवारा : महगामा प्रखंड परिसर में छह सूत्री मांगों को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका पांडेय सिंह आमरण अनशन पर बैठक गयी है. कांग्रेस जिलाध्यक्षा दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि मलवे में फंसे मजदूरों के शव को जल्द से जल्द बाहर किये जाने की मांग की है. साथ ही खदान दुर्घटना की सीबीआइ जांच कराये जाने की मांग जिलाध्यक्षा ने की है. आउटसोर्सिंग कंपनियों को परियोजना क्षेत्र से बाहर किये जाने, स्थानीय लोगों केा रोजगार मुहैया कराये जाने की मांग भी उठायी. उन्होंने बताया है कि इस मामले में पदाधिकारियों को चिह्नित कर दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए. कहा कि इतने दिनों से इस कांड के विरोध मे धरना प्रदर्शन किया गया है.
लेकिन इसीएल प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था की गयी है. जिलाध्यक्षा ने जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आमरण अनशन पर कार्यक्रम स्थल पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गयी है. यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है. साथ ही बताया कि जब तक इस मामले में मांगों को पूरा किये जाने का काम नहीं किया जाता है. तब तक वे आंदोलन में डटी रहेगी. इस बाबत धरनास्थल पर अंजुलता, ललिता जायसवाल, राकेश मंडल, अरविंद झा, मुहम्मद गुड्डू, अभिनव सिंह, नीरज चौरसिया व दर्जनो कार्यकर्ता इस अवसर पर मौजूद थे.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका पांडेय सिंह कार्यकर्ताओं संग आमरण अनशन पर बैठी हुईं.
