नाबालिग से शादी करने का मामला
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत हैं आरोपित
पीडीजे के न्यायालय ने खारिज की जमानत अरजी
गोड्डा : बोरियो के भाजपा विधायक व पूूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ताला मरांडी व उनके पुत्र मुन्ना मरांडी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गयी है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमा शंकर प्रसाद सिंह की अदालत ने दोनों आेर से बहस सुनने के बाद याचिका खारिज की.
ताला मरांडी व उनके बेटे मुन्ना मरांडी के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बोआरीजोर थाना में मामला दर्ज कराया गया था. दर्ज मुकदमा संख्या जीओसीआर141/2016 के सूचक तत्कालीन बोआरीजोर बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी थे.
क्या है मामला : मालूम हो कि 27 जून 2016 को ताला मरांडी ने अपने पुत्र मुन्ना मरांडी की शादी बड़ा सिमड़ा के भगन बासकी की पुत्री के साथ की थी. दर्ज मुकदमा के अनुसार, विवाह के समय ताला की बहू की उम्र लगभग 12 वर्ष बतायी गयी.
नाबालिग के साथ शादी करने को लेकर बीडीओ ने इन दोनों के अलावा ताला मरांडी के समधी भगन बासकी, ग्राम प्रधान सुभान मरांडी, जोग मांझी, भीमा हेंब्रम व गोड़ाईत अनिल हेंब्रम को भी आरोपी बनाया था. न्यायालय द्वारा सभी छह के विरुद्ध बीते वर्ष 19 जुलाई को संज्ञान लेते हुए उपस्थिति के लिए सम्मन जारी किया गया था. इसी मामले में ताला मरांडी व मुन्ना मरांडी ने अग्रिम जमानत पाने हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में आवेदन संख्या 380/16 दाखिल किया था.
