ललमटिया खदान हादसा. घटना के पांचवें दिन नहीं मिली एक भी लाश
सोमवार को दिन भर मलवा हटाने के बाद भी नहीं मिली सफलता
सहकर्मियों के अनुमान पर हटाया जा रहा था मलवा
गोड्डा : राजमहल कोल माइंस के ललमटिया खदान हादसा के पांचवें दिन सोमवार को भी राहत व बचाव कार्य जारी रहा. दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी आउट सोर्सिंग कंपनी महालक्ष्मी के तीन सुपरवाइजर गगन सिंह, परवेज आलम व लल्लू खान का शव बरामद नहीं हो पाया है. शव को खोजने में कर्मी लगे रहे. डीप माइनिंग क्षेत्र होने से मलबा को हटाने में रेस्क्यू टीम को अधिक समय लग रहा है. खदान के सबसे पीछे साइट से शवों को तलाशने की मशक्कत की जा रही है. सहकर्मियों के अनुमान पर बचाव कार्य में लगी टीम पोकलेन से मलबा हटाती रही.
भाई की लाश को मलबा में खोज रहा भाई : रेस्क्यू टीम तीन चार शिफ्टों में कार्य कर रही है. टीम के सदस्य मलवा हटाते-हटाते थक जा रहे हैं. लेकिन मलबा के ढ़ेर से परवेज आलम को निकालने में उसका भाई जावेद आलम लगातार जेसीबी से मलबा को हटाकर भाई को खोजने में जी-जान लगा दिया है.
फिर दरका मलबा का ढ़ेर, सहमे कर्मी : सोमवार को एक बार फिर से डीप माइनिंग क्षेत्र के दुर्घटना स्थल में मलबा के दरकने से कार्य कर रहे कर्मी व रेस्क्यू टीम में भय समा गया. कुछ देर काम रोकने के बाद पुन: कार्य शुरू किया गया. गगन सिंह, परवेज आलम व लल्लू खान खदान क्षेत्र में शिफ्ट सरदार के रूप में जाने जाते थे.
लल्लू नहीं लड्डू का मिला था शव
रविवार को सबसे अंत में निकाले गये शव लल्लू खान का होना बताया गया था. लेकिन परिजनों की शिनाख्त के बाद लल्लू खान का शव नहीं बल्कि लड्डू यादव का शव मिला था. वह सिधी गांव मध्यप्रदेश का रहने वाला था.
महालक्ष्मी के वर्कर ही चला रहे मशीन
शव को तलाशनें में रेस्क्यू की स्पेशल टीम तो लगी ही है. पर मशीनों पर महालक्ष्मी कंपनी के वर्कर ही सवार होकर मशीन चला कर मलवे को हटाने का काम कर रहे हैं.
मलबा को मशीन से हटाते कर्मी व हथौड़ा लेकर जाते रेस्क्यू टीम के सदस्य.
सबसे डीप माइनिंग साइट होने से थोड़ी परेशानी हो रही है. रेस्क्यू टीम के अलावा कर्मियों द्वारा लगातार मलबाा को हटाने का काम किया जा रहा है. गगन सिंह, परवेज आलम व लल्लू खान के शव की तलाश की जा रही है.”
-संजय पांडेय, एसडीओ, महगामा
