रेस्क्यू के दौरान फिर धंसी खदान, अब शवों को निकालना मुश्किल

गोड्डा : शुक्रवार शाम 8.32 बजे एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कर रही थी. इसी दौरान ही फिर खदान धंस गयी. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. स्लाइडिंग होते ही एनडीआरएफ की टीम जान बचा कर भागी. लेकिन इस धंसान से यह बात साफ हो गयी कि अब मलबा में दबे शवों […]

गोड्डा : शुक्रवार शाम 8.32 बजे एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कर रही थी. इसी दौरान ही फिर खदान धंस गयी. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. स्लाइडिंग होते ही एनडीआरएफ की टीम जान बचा कर भागी.
लेकिन इस धंसान से यह बात साफ हो गयी कि अब मलबा में दबे शवों को निकालना मुश्किल होगा. रेस्क्यू के पहले ही एनडीआरएफ की टीम ने आशंका जतायी थी कि यहां मलबा को हटा कर शवों को निकालना बेहद मुश्किल होगा. फिर भी टीम के सदस्यों ने हिम्मत जुटा कर रेस्क्यू में जुट गयी. मलबा में दबे सुपरवाइजर लालू खान का शव भी निकाला. इसी दौरान शाम 8.32 बजे अचानक खदान धंसने लगी. वहां मौजूद लोग जान बचा कर किसी तरह भागे. अब टीम ने काम रोक दिया है. बता दें कि जिस कदर खदान धंसी है वह बेहद खतरनाक है. टॉप से खाई की दूरी करीब 1200 फीट होगी. स्लाइडिंग के बाद अब भी धीरे धीरे मलबा सरक रहा है.
सहयोगियों को ढूढ़ने में अब भी जुटे हैं कर्मी
खदान का मंजर बेहद खतरनाक था. सैकड़ों फीट खाई तक मलबा था. मिनट दर मिनट सरक भी रहे थे. लेकिन साथ सुख दुख बांटने वाले खदान में काम करने वाले कर्मी इतना खतरा होने के बावजूद अपने सहयोगियों के शवों को ढूंढ़ने में जी जान लगा कर जुटे थे. मलबा पर ही डोजर चढा दिया और धीरे धीरे मलवा हटाने में जुटे थे. मौत को दरकिनार कर अपने सहयोगी को ढूंढ़ने में सीने में गम लेकर जुटे थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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