गोड्डा : राजमहल कोल परियोजना के उपाध्यक्ष आरआर मिश्रा के 26 दिसंबर को इसीएल भ्रमण के दौरान मुख्य महाप्रबंधक को आवश्यक निर्देश देते हुये चेतावनी दी थी. चेतावनी में जिस स्थान पर आज इतना बड़ा हादसा हुआ अगर पहले उसपर ध्यान दिया जाता तो घटना रूक सकती थी. परियोजना अपने लाभ के कारण आदेश को ताख पर रख दिया.
26 दिसंबर को सीएमडी श्री मिश्रा ने खदान के डीप जाेन के व्यू प्वाइंट को देखने के बाद महाप्रबंधक को डेंजर जोन में काम नहीं कराने का निर्देश दिया था. हालांकि श्री मिश्रा ने परियोजना के उत्पादन लक्ष्य वर्ष 2016-17 में 17 मिलियन टन पूरा करने की बात कहीं थी. सीएमडी के जाने के बाद इसीएल के पदाधिकारियों ने उत्पादन को बढ़ाने के लिये भोंडाय साइट में काम प्रारंभ कराने का निर्देश महालक्ष्मी कंपनी को दिया था. कर्मी हलांकि उस क्षेत्र में काम करने के पक्ष में नहीं थे, महालक्ष्मी के मैनेजर तथा इसीएल के मैनेजर प्रमोद कुमार द्वारा कर्मी के ना चाहने के बावजूद अविलंब ओबी खुदायी कर काम करने को कहा.
दो दिन के बाद फिर किया था काम बंद 29 को हुआ बक झक
पदाधिकारी के निर्देश के बाद दो दिनों तक काम करने के बाद 29 दिसंबर को पुन: साइट इंजार्च लल्लू खान ने काम करने से इंकार कर दिया. मगर प्रमोद कुमार नेे चेतावनी देते हुये कहा था कि काम करें अन्यथा हटाये जायेंगें. डर से लल्लू ने हारकर काम प्रारंभ कर दिया.
…अफसरों के डर ने लल्लू को जिंदगी से हार दिला दी हार : अगर लल्लू खान अपने अधिकारियों के आदेश व डर के सामने घुटना नहीं टेका होता तो आज शायद जिंदा होता. लल्लू खान वैसे तो साहसी था ओर साइट में था और देखते ही देखते कई जिंदगियां दफन हो गयी .
