राज्यपाल के नाम का सात सूत्री मांगों का ज्ञापन डीसी काे सौंपा
मांगें नहीं माने जाने पर दिया उग्र आंदोलन करने की चेतावनी
गोड्डा : झारखंड पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोरचा ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता सह मंच के जिला संयोजक कालीचरण महतो कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार पिछड़ों के साथ अन्याय कर रही है. झारखंड में रहने वाले पिछड़े लोग भी राज्य में आरक्षण के लाभ को पाना चाहते हैं. एसटी को आरक्षण का लाभ मिलता है. फिर पिछड़ा वर्ग के साथ सरकार भेदभाव क्यों कर रही है.
धरना के बाद राज्यपाल के नाम को सात सूत्री मांगों का ज्ञापन डीसी को सौंपा. इसमें कहा गया है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो मोरचा की ओर से उग्र आंदोलन किया जायेगा. इस अवसर पर मोरचा के सदस्य संजय मंडल, धनंजय महतो, मदन कुमार मंडल, हरि प्रसाद महतो, जगत राम सिंह, शिवनारायण महतो, सुनील कुमार महतो, मो रफीक आलम आदि थे.
क्या है मांगे
सदस्यों ने बताया कि संघर्ष मोरचा की मुख्य मांगो में सरकारी नौकरियों में पिछड़ा के लिए आरक्षण की सीमा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 36 प्रतिशत किये जाये, झारखंड के तमाम जिला रोस्टर प्रणाली में सुधार करने व पिछड़ी जाति को आबादी के अनुरूप आरक्षण दिये जाये, 50 प्रतिशत की आबादी वाली पंचायत को यथासीघ्र अधिसूचित क्षेत्र से बाहर किया जाये, पिछड़ा वर्ग वित्त निगम का गठन कर अधिनियम में पिछड़ा के साथ भेदभाव बंद किया जाये, सीएनटी व एसपीटी में संसोधन कर पिछड़ी जाति की जमीन को सुरक्षा प्रदान किया जाये, पिछड़ी जातियों के परिणात्मक आंकड़ों के लिए सरकार द्वारा यथाशीघ्र जनगणना कराया जाये तथा पिछड़ी वर्ग के छात्र-छात्राओं को आवासीय स्कूलों, छात्रावास और छात्रवृति का लाभ दिया जाये.
