गोड्डा : जिले में हर वर्ष नवंबर तथा दिसंबर माह में अगलगी की घटनाएं होती हैं. मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने के कारण ऐसी घटनाएं ज्यादा होती है. इसी मौसम में धान काट कर किसान खेतों से धान खलिहान में लाते हैं. बड़ी मात्रा में सूखा जलावन के कारण आग लगने की घटनाएं होती हैं.
जिले के विभिन्न प्रखंडों में दिसंबर माह में करीब 35 घर जलकर राख हो गये हैं. सर्वाधिक घटनाएं सदर प्रखंड में हुई हैं. सदर प्रखंड में करीब आठ घर जलकर राख हुये हैं. जिसमे पथरगामा में पांच घर, बसंतराय में तीन, मेहरमा में छह, महगामा में तीन, ठाकुरगंगटी तीन, बोआरीजोर में तीन पोड़ैयाहाट में तीन सुंदरपहाड़ी में दो घर जला है. कुल 20 लाख की संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा है. विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खलिहान आदि में आग लगने से करीब दो से पांच लाख रुपये की क्षति हुई है.
जिले में मात्र गोड्डा में है फायर स्टेशन : जिले का क्षेत्रफल बड़ा होने के बावजूद केवल एक ही फायर स्टेशन है. गोड्डा से महगामा की दूरी करीब 25 किमी तथा वहां से विभिन्न प्रखंडों की दूरी की गणना की जाये तो कुल 50 से 60 किमी है. दूरी के कारण दमकल के पहुंचने से पहले सब कुछ जलकर राख हो जाता है.
डेढ़ माह से कटा है दमकल विभाग का पीएनटी
जिले में दमकल विभाग का पीएनटी करीब डेढ़ माह से कटा है. विभाग के अनुसार टेलीफोन विभाग के सात सौ रुपये के बिल के कारण कनेक्शन काट दिया गया है. इस कारण फोन करने पर कोई रिस्पॉस नहीं मिलता है और राहत व बचाव कार्य नहीं हो पाता है.
