अस्पताल में नहीं थे चिकित्सक, आक्रोशितों ने की तोड़फोड़, किया सड़क जाम, मुआवजे के बाद माने ग्रामीण
बोआरीजोर : दीपावली के दिन मंगरा गांव में करंट लगने के बाद बोआरीजोर सीएचसी में भरती घरेलु बिजली मिस्त्री रवि मड़ैया की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गये और अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. बता दें कि जिस समय मिस्त्री को अस्पताल में भरती कराया गया उस समय वहां कोई चिकित्सक कार्यरत नहीं थे. ग्रामीण इसी व्यवस्था को लेकर भड़के थे. उन्होंने सीएचसी में जमकर किया व तोड़ फोड़ की.
चार घंटा किया सड़क जाम
आक्रोशित ग्रामीणों ने बोआरीजोर-ललमटिया मार्ग को भी चार घंटे तक जाम कर दिया. सीएचसी में चिकित्सक की व्यवस्था करने व मुआवजे की मांग करने लगे. साथ ही वहां पदस्थापित चिकित्सक पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
आश्वासन व मुआवजा के बाद जाम हटा
बोरियो विधायक ताला मरांडी घटना की सूचना पाकर जाम स्थल पर पहुंचे. जहां उनके अलावा बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी ने भी ग्रामीणों को समझाया. लेकिन ग्रामीण बिना किसी कार्रवाई के बिना मानने को तैयार नहीं थे. मौके पर ही बीडीओ द्वारा पारिवारिक लाभ के तहत मृतक मिस्त्री के पिता भोला मड़ैया को बीस हजार का चेक प्रदान किया गया. इसके बाद ग्रामीण माने और जाम हटा लिया गया.
सीएस ने ली मामले की जानकारी
गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ सीके शाही बोआरीजोर सीएचसी पहुंच कर मामले की जानकारी ली. मौके पर सीएस डॉ शाही ने कहा कि जांच पड़ताल की जा रही है. मामले में कार्रवाई की जायेगी. अस्पताल में तोड़फोड़ नहीं करना चाहिए था. तीन डॉक्टर का पदस्थापन बोआरीजोर सीएचसी में है. तीनों डॉक्टर नहीं थे. मामले को संज्ञान में लिया जायेगा.
