13 करोड़ की लागत से बना जलमीनार फिर फेल

पोड़ैयाहाट बाजार के 5 हजार लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे

पोड़ैयाहाट प्रखंड परिसर में लगभग पांच वर्ष पूर्व 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जलमीनार एक बार फिर लचर व्यवस्था और तकनीकी खामियों के कारण चर्चा में है. बीते एक सप्ताह से पोड़ैयाहाट बाजारवासियों को जल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिससे करीब 5,000 की आबादी प्रभावित हो रही है. स्थानीय निवासी संतोष भगत, सुंदरलाल दास, अनुपम प्रकाश, सपन रूज सहित अन्य लोगों का कहना है कि जलमीनार शुरू होने के बाद से ही अव्यवस्था का सिलसिला जारी है. कभी पानी आता है, तो कभी बिल्कुल नहीं. लोग बारी-बारी से हैंडपंप और निजी बोरिंग से पानी भरने को मजबूर हैं. जलमीनार को सरकार ने बाजार क्षेत्र को साफ और नियमित पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से बनवाया था, लेकिन योजना की विफलता अब स्पष्ट दिखाई दे रही है. 13 करोड़ की लागत से बने इस सिस्टम से लोगों को न राहत मिली, न भरोसेमंद सेवा.बैठकों में उठा मुद्दा, फिर भी नहीं निकला समाधान

ग्रामीणों ने बताया कि यह मामला कई बार प्रखंड स्तरीय बैठकों में उठ चुका है. जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज हैं. विभाग कभी-कभी औपचारिक मरम्मत कर देता है, मगर कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. गर्मी के दिनों में विभाग की ओर से यह तर्क दिया जाता रहा कि नदी में पानी नहीं है, लेकिन अब जब बरसात का मौसम है और नदी में पर्याप्त जल स्तर मौजूद है, तब भी जल आपूर्ति ठप है. इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्षेत्र की जनता की मांग है कि जलमीनार से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाये, ताकि आमजन को उनके मौलिक अधिकार स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहना पड़े. अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है.

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

पिछले एक सप्ताह से मोहल्ले में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है. कभी आता भी है तो पांच लीटर के बाद बंद हो जाता है. मैं विभाग से नियमित जलापूर्ति की मांग करता हूं.

-सपन रूज, ग्रामीण, पोड़ैयाहाट बाजार

पानी की समस्या को अविलंब दूर किया जाना चाहिए. ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं. वरीय अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर जल्द समाधान सुनिश्चित करना चाहिए.

-विनोद भगत, प्रखंड अध्यक्ष, पोड़ैयाहाट

ग्रामीणों की शिकायतें बिल्कुल जायज हैं. संवेदक की मेंटेनेंस अवधि समाप्त हो चुकी है. पाइपलाइन टूटी हुई है. जेई और संवेदक के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई करूंगा.य

-अनुपम भगत, मुखिया, पोड़ैयाहाट

ग्रामीणों की बार-बार मांग के बावजूद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है. इस गंभीर समस्या में वरीय अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

-संतोष भगत, ग्रामीण, पोड़ैयाहाट बाजारB

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Author: SANJEET KUMAR

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