अगर चैन में रात गुजरने लगे तो समझों प्यार में कुछ कसर है..तस्वीर: 03 दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का उद्घाटन करतेप्रतिनिधि, बोआरीजोरऊर्जा नगर के ऑफिसर क्लब में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन सीजीएम अखिलेश पांडेय व जया पांडेय द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. कवि सम्मेलन में बनारस के कवि डॉ भूषण त्यागी, इलाहाबाद के कवि शैलेश गौतम, डॉ सुनील संग, बनारस के कवि डॉ राकेश पांडेय, काशी के कवि डॉ नागेश सान्याल, आजमगढ़ के कवि डॉ ईश्वरचंद्र, मथुरा के कवि डॉ रत्ना तिवारी, इलाहाबाद के कवि राघव रमेश व भागलपुर के सुशील साहिल द्वारा क्रमश: हास्य, व्यंग्य, सामाजिक परिवेश, राजनीतिक उथल-पुथल, बेटी के महत्व आदि विषयों पर एक से बढ़ कर एक कविता पेश किया गया. इस दौरान कविताओं में सब एक पल में तबियत संभलने लगी.. तुम्हारा नाम लिया और सांसे चलने लगी.., अगर चैन में रात गुजरने लगे तो समझों प्यार में कुछ कसर है.., कोख में कत्ल का सिलसिला रोकिए, पेट में बेटियों को सजा से रोकिए, हमे भी दुनियां में आने के लिए, हमें भी कल्पना चावला सुनीता विलियम्स बनने दिलिए .. आदि कविता पेश किया गया. मौके पर एसए राव यादव, डीके नायक, प्रशांत कुमार, मल्लय कुमार घोष, रणधीर सिंह, हीरालाल, मिस्त्री मरांडी, रामजी साह, अंगद उपाध्याय, मरियानुस मरांडी आदि उपस्थित थे.
कवि सम्मेलन में झूमे श्रोता
अगर चैन में रात गुजरने लगे तो समझों प्यार में कुछ कसर है..तस्वीर: 03 दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का उद्घाटन करतेप्रतिनिधि, बोआरीजोरऊर्जा नगर के ऑफिसर क्लब में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन सीजीएम अखिलेश पांडेय व जया पांडेय द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. कवि सम्मेलन में बनारस के कवि डॉ […]
