पोड़ैयाहाट : प्रखंड के महेशकुतरो गांव के नवजात शिशु की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के क्रम में हो गयी. इसके बाद गर्भवती महिला घंटों नवजात शिशु को गोद में लेकर बैठी रही, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को जरा सा भी संवेदना नहीं देखी. मीडिया कर्मियों के पहल के बाद ममता वाहन से प्रसूता एवं परिजनों को घर पहुंचाया गया. जानकारी के अनुसार, गांव में ही जन्म लेने के बाद अस्पताल मंगलवार की सुबह 4:00 बजे लाया गया, जिसके बाद इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी.
प्रसूता डोली देवी के परिजन ने बताया कि 4:00 बजे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. इलाज के क्रम में बच्चे की मौत हो गयी. इसके बाद मृत बच्चे को लेकर दो-तीन घंटे अस्पताल में ही बैठी रही, लेकिन ममता वाहन की सुविधा नहीं मिल पायी. रो-रो कर परिजनों का बुरा हाल था. मीडिया कर्मियों की पहल पर ममता वाहन से पीड़ित परिजनों को घर तक पहुंचाया गया. सवाल उठता है कि जहां सरकार एक तरफ स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपये खर्च करती है वही विभाग इतना लापरवाह क्यों है? स्थानीय बुद्धि जीवन ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य में बार-बार इस तरह की घटनाएं होते रहती है.
