फैसला : राशि के गबन में 5 को तीन वर्ष की कैद

गलत मास्टर रोल बनाकर िनकाली गयी थी रािश... अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा गोड्डा : न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रवि कुमार भास्कर ने गुरुवार को सरकारी राशि गबन करने के मामले में पांच आरोपितों को तीन वर्ष की सजा सुनाई. साथ ही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 23, 2018 4:37 AM

गलत मास्टर रोल बनाकर िनकाली गयी थी रािश

अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा
गोड्डा : न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रवि कुमार भास्कर ने गुरुवार को सरकारी राशि गबन करने के मामले में पांच आरोपितों को तीन वर्ष की सजा सुनाई. साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. लघु सिंचाई विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता कैलाश प्रसाद, कनीय अभियंता अशोक प्रसाद गुप्ता, लेखापाल अरुण पाल, लेखा लिपिक महेंद्र कुमार एवं शिवजी राम को दोषी पाकर सजा सुनायी गयी. इन पर सरकारी कर्मचारी होते हुए भी जालसाजी कर सरकारी राशि गबन करने का आरोप है. हालांकि न्यायालय ने सभी को अपील दाखिल करने तक दस हजार के मुचलके पर औपबंधिक जमानत दी है. कैलाश प्रसाद अनिसाबाद पटना, अशोक प्रसाद गुप्ता न्यू जनकपुर पटना,
शिवजी राम कास्टर टाउन देवघर, अरुण कुमार पटना सिटी व महेंद्र कुमार त्रिपोलिया पटना के रहने वाले हैं. इन पर तत्कालीन सहायक अभियंता लघु सिंचाई बोआरीजोर द्वारा सुंदरपहाड़ी थाना में 26 दिसंबर 2000 को प्राथमिकी संख्या 67/2000 दर्ज करायी गयी थी. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोड्डा जिला मद की सुनिश्चित रोजगार योजना के अंतर्गत वर्ष 1996-97 व 1997-98 में रकसो, चतरा व महुआटांड गांव में मिट्टी बांध, बोल्डर पिचिंग, ऑउटलेट व स्लिपवे के निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी. इन योजनाओं में सभी आरोपिताें द्वारा गलत मास्टर रोल तैयार कर 14 हजार 292 रुपये का गबन किया गया. जांच में बिहार सरकार के तत्कालीन सचिव एवं उपायुक्त गोड्डा द्वारा गबन किये जाने की पुष्टि की गयी. न्यायालय में सुनवाई के दौरान पांच गवाहों की गवाही हुई. जिस पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया.