राजाभिट्ठा की 40 लड़कियां आज भी महानगरों में बंधक!

मानव तस्करी. दलालों के चंगुल में फंस जो भी लड़कियां गयीं, लौट कर नहीं आयी गोड्डा, साहेबगंज व पाकुड़ जिले के दलालों के रडार पर क्षेत्र गोड्डा/बोआरीजोर : गरीबी की दासता कहें या फिर जागरूकता का अभाव, झारखंड की बेटी आज भी बड़े शहरों में चंद पैसों के खातिर बिकती है. यौन-शोषण की शिकार होती […]

मानव तस्करी. दलालों के चंगुल में फंस जो भी लड़कियां गयीं, लौट कर नहीं आयी

गोड्डा, साहेबगंज व पाकुड़ जिले के दलालों के रडार पर क्षेत्र
गोड्डा/बोआरीजोर : गरीबी की दासता कहें या फिर जागरूकता का अभाव, झारखंड की बेटी आज भी बड़े शहरों में चंद पैसों के खातिर बिकती है. यौन-शोषण की शिकार होती है. वह अपना बचपन खो रही है. बोआरीजोर प्रखंड के राजाभिट्ठा थाना क्षेत्र की 40 लड़कियां आज भी दिल्ली सहित कई महानगरों में नौकरी के नाम पर ले जायी गयी और बंधक बनी हुई है. एक मामले के खुलासे के बाद पड़ताल में यह बात सामने आ रही है कि ज्यादातर लड़कियां पहाड़िया आदिवासी परिवार की है. क्षेत्र के तीन गांवों की करीब 40 से अधिक
राजाभिट्ठा की 40 लड़कियां…
लड़कियों में आधे से अधिक नाबालिग बतायी जाती है. गांव की करीब 10 ऐसी लड़कियां जो पांच वर्ष पहले दलाल के माध्यम से नौकरी के लिए गयी आज जवान हो गयी है.
दलाल के चंगुल में फंसते हैं ग्रामीण
राजाभिट्ठा थाना क्षेत्र के पहाड़िया टोला राजाभिट्ठा, राजा पोखर, पहाडिया टोला एवं डुमरझील पहाड़िया टोला की सभी रहने वाली है. गांव के लगभग परिवार की बच्ची दलालों के माध्यम से नौकरी के झांसे में बाहर फंसी हैं. ग्रामीणों की मानें तो तीन गांव के करीब 40 से ज्यादा लड़कियां बाहर है और इनकी उम्र 13 से 14 वर्ष की है. बाहर जानेवालों में 22 पहाड़िया युवक भी है.
तीनपहाड़ व जसीडीह के रास्ते ले जायी जाती दिल्ली : सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र की ऐसी लड़कियां नौकरी के झांसे में दलालों के साथ तीनपहाड़, गोड्डा-हंसडीह के रास्ते जसीडीह से दिल्ली जाती हैं. दिल्ली से विभिन्न शहरों में ऐसे छोटे एजेंसियों के माध्यम से बेची जाती हैं. गोड्डा के ललमटिया, पथरगामा, सुंदरपहाड़ी के अलावा राजाभिटठा क्षेत्र के दलाल साहेबगंज व पाकुड़ के दलाल से जुड़े होते हैं. स्थानीय तौर पर ऐसे दलाल बड़े दलाल को 10 हजार से 20 हजार रुपये देते हैं. लड़की के परिजनों को विश्वास में लेकर अडवांस के तौर पर तीन से पांच हजार रुपये दिया जाता है. बाद में राशि भेजने की बात पर ऐसे अभिभावक राजी होते हैं.
एक माह पहले तीन गांवों की 15 लड़कियां गयी है बाहर
नवंबर व दिसंबर माह में राजाभिट्ठा के सभी पहाड़िया गांव की 15 लड़कियां दिल्ली व बाहर भेजी गयी हैं. आंकड़े के मुताबिक ऐसे परिवार के लोगों को इस बात का भरोसा दिलाया जाता है कि उनकी बेटी सुरक्षित है. कमाई की मोटी रकम भेजेगी.
और करते हैं बाद में केवल इंतजार
राजा पोखर व डुमरझील के कई अभिभावक से पूछे जाने पर बताया कि उसकी बेटी हरियाणा, गुजरात, दिल्ली व मुंबई में 10 हजार की नौकरी कर रही है. पूछने पर बताते हैं कि एक बार पांच से सात हजार की राशि आसपास के परिचित द्वारा मजदूरी बताते हुए दिया है. कुछ का कहना है दो साल हो गये, मगर अब तक एक भी रुपया उन्हें नहीं मिला है.
क्या कहती है मुखिया
राजाभिटठा क्षेत्र की मुखिया प्रियंका सोरेन बताती हैं कि क्षेत्र में गरीबी के कारण लड़कियां बाहर काम करने गयी है, लड़कियों के साथ हो रहे घिनौने हरकत की जानकारी मिलने से काफी रोष है. सरकार इस पर ध्यान दे आैर सभी को अविलंब वापस लाये.
गोड्डा की पीड़िता से मिले हरियाणा बाल कल्याण आयोग की टीम, कहा
बच्ची का हो रहा इलाज, हालत गंभीर
मुक्त करायी गयी बच्ची का फरीदाबाद में चल रहा इलाज
संगत धाराओं के तहत होगी कार्रवाई
आयोग के निर्देश पर एसटी एक्ट भी पुलिस ने जोड़ा
24 घंटे सुरक्षा में पीड़िता
शरीर पर चाकू से वार के जख्म
बच्ची बोन टीवी से ग्रसित है
आयोग करायेगा बच्ची का इलाज
अभी तक झारखंड से कोई अधिकारी संपर्क में नहीं हैं
गोड्डा की एक और लड़की को पुलिस ने मुक्त कराया
हरियाणा के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गोड्डा के उसी गांव की एक और लड़की को पुलिस ने मुक्त कराया है. बुधवार की रात तकरीबन आठ बजे उसे मुक्त कराया गया है. उक्त लड़की का डिटेल्स अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है.

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