पढ़ाई के उम्र में कूड़े कचरे में खो रहा बचपन
गोड्डा : शहरी क्षेत्र में छोटे- छोटे बच्चे बाल मजदूरी कर रहें हैं. इस बात से सिस्टम अनजान है. करीब आधे दर्जन बच्चे ऐसे हैं जो हर दिन शहर के कूड़े कचरे में अपना बचपन को खो रहे हैं. इस ओर जिला प्रसाशन व पुलिस प्रसाशन के अलावा सर्व शिक्षा अभियान की ओर से कोई रुचि नहीं ली जा रही है. लोगों का कहना है कि जिले में एक विभाग ऐसा भी है जो बच्चों के लिए है. मगर उस विभाग के पदाधिकारी व कर्मचारी केवल आफिस में बैठ कर कुर्सी पर आराम करते हैं.
ऐसे बच्चों से बालश्रम कानून को भी ताक पर रख दिया गया है. लोगों ने पुलिस अधीक्षक से तारे जमीं के बचपन को बचाने की मांग की है. ताकि पढ़ने लिखने के उम्र में ये बच्चे अन्य बच्चों की तरह पाठशाला जा पायें. वहीं, एसएसए विभाग के पदाधिकारी से मांग की है कि ऐसे बच्चों को चिहिंत कर राइट टू एजुकेशन की लाज बचाने के दिशा में कार्य करें.
शहरी क्षेत्र में छोटे- छोटे बच्चे कंधे पर बोरा लिए ढूंढ रहे वेस्टेज सामान
बच्चों के लिए कार्य करनेवाला विभाग सुस्त, नहीं दे रहा ध्यान
