हादसों से भी सीख नहीं लेते हैं अफसर

जान जोखिम में डाल कर लोग करते हैं आवागमन बसंतराय : सात वर्षों से प्रखंड के रुपनी गांव के पास सुंदर नदी पर बना पुल एप्रोच पथ नहीं रहने की स्थिति में लगभग बेकार हो रही है. जान जोखिम में डालकर राहगीर आवागमन को मजबूर हैं. मालूम हो कि बसंतराय कोरियाना मुख्य मार्ग पर रूपनी […]

जान जोखिम में डाल कर लोग करते हैं आवागमन
बसंतराय : सात वर्षों से प्रखंड के रुपनी गांव के पास सुंदर नदी पर बना पुल एप्रोच पथ नहीं रहने की स्थिति में लगभग बेकार हो रही है. जान जोखिम में डालकर राहगीर आवागमन को मजबूर हैं. मालूम हो कि बसंतराय कोरियाना मुख्य मार्ग पर रूपनी के पास सुंदर नदी में इस पुल का निर्माण सात वर्ष पूर्व कराया गया था. जब से लेकर आज तक राहगीर एप्रोच पथ की प्रतीक्षा कर रहे हैं
रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन इस मार्ग से होता है. लेकिन संबंधित विभाग के पदाधिकारी इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रहे. ग्रामीणों ने बताया कि एप्रोच को लेकर कई बार विभाग को सूचना दी गयी. करीब तीन वर्ष पूर्व तीन बार बड़े हादसे हो चुके हैं. जिसमें दो की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी थी. जबकि वाहन के पलटी मार देने से दब कर 11 लोग घायल हो चुके हैं. वहीं छोटी-छोटी दुर्घटनाओं की कोई गिनती ही नहीं है. ग्रामीण जफर अली, लीलधर यादव, बंशी यादव, मो शाहीन, कलीमुद्दीन, मो सलीमुद्दीन, रज्जाक अंसारी आदि ने उपायुक्त से एप्रोच पथ निर्माण कराये जाने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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