एक सड़क नहीं रहने से लाखों का अस्पताल खुद बीमार

बसंतराय : बसंतराय प्रखंड के सनौर गांव में लाखों खर्च कर सरकार ने अस्पताल बनवाया है. लेकिन वहां जाने के लिए सड़क नहीं बनाया. इतना ही नहीं इस अस्पताल को अब तक चालू भी नहीं किया जा सका है. एक वर्ष से यह अस्पताल बेकार पड़ा हुआ है. लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं […]

बसंतराय : बसंतराय प्रखंड के सनौर गांव में लाखों खर्च कर सरकार ने अस्पताल बनवाया है. लेकिन वहां जाने के लिए सड़क नहीं बनाया. इतना ही नहीं इस अस्पताल को अब तक चालू भी नहीं किया जा सका है. एक वर्ष से यह अस्पताल बेकार पड़ा हुआ है. लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है. इसे सरकारी राशि की बरबादी कही जाय या फिर कुछ और. आज यह अस्पताल खुद बीमार हो गया है. जबकि आसपास के हजारों लोगों को मामूली इलाज के लिए गोड्डा जाना पड़ता है.

फिर विकास का दंभ कैसा. अस्पताल के लिये जमीन देने वाले सत्यानंद मिश्रा ने कहा कि तात्कालीन विधायक रघुनंदन मंडल का ध्यान मामले में आकृष्ट कराया गया था. जिसमें अस्पताल के लिये सड़क से लेकर बिजली व पानी की व्यवस्था तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्त की मांग की गयी थी. मगर उनके निधन के बाद यह सपना ही बनकर रह गया.

ग्रामीण कर रहे इसे चालू कराने की मांग
ग्रामीणों में उपमुखिया अजय कुमार मिश्र का कहना है कि झारखंड व बिहार का सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले सनौर अस्पताल पर ध्यान दिये जाने से बड़ी तादाद में लोगों को इसका लाभ मिलेगा. वहीं संजय कुमार मिश्र उर्फ कारू जी ने भी अस्पताल को चालू करने के लिये सड़क निर्माण की मांग किया है. छात्र नेता साजन मिश्र ने बताया कि अस्पताल की असुविधा को लेकर कई बार पत्र व मेल के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने का काम किया है. कहा : इस मामले पर प्रशासन व जन प्रतिनिधि आवश्यक कदम उठाये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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