सुविधा नहीं, किसानी छोड़ने को मजबूर

प्रभात परिचर्चा. किसानों ने बेबाकी से रखी अपनी समस्याएं, कहा गोड्डा : प्रभात खबर कार्यालय में शनिवार को प्रभात परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस दौरान किसानों ने बेबाकी से अपनी समस्याओं को रखा. किसानों ने वर्तमान समय में सरकार पर किसानों की अनदेखी का मामला उठाया. कहा कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी […]

प्रभात परिचर्चा. किसानों ने बेबाकी से रखी अपनी समस्याएं, कहा

गोड्डा : प्रभात खबर कार्यालय में शनिवार को प्रभात परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस दौरान किसानों ने बेबाकी से अपनी समस्याओं को रखा. किसानों ने वर्तमान समय में सरकार पर किसानों की अनदेखी का मामला उठाया. कहा कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है. इस कारण किसान हाशिये पर चले गये हैं. साथ ही डुपलीकेट बीज, बगैर रसीद के बीज, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई की सुविधा , डीप बोरिंग आदि की समस्या पर सवाल उठाया. परिचर्चा की अध्यक्षता मुखिया कनवारा परमानंद साह ने किया.
किसनों ने कहा
किसानों को समय पर ना तो खाद व ना ही बीज मिल पा रहा है. कीटनाशक मशीन व सिंचाई मशीन नहीं मिल रही है. बिचौलिया इन चीजों को किसानों तक नहीं पहुंचने देते हैं. मनरेगा कूप पर मशीन देने की बात थी मगर आज तक नहीं मिली है. अन्नदाता को सम्मान नहीं मिल रहा है.
– परमानंद साह , मुखिया कनवारा पंचायत सह किसान
किसान की समस्या गंभीर है. आज के समय में सबसे अधिक गरीब किसान भाई ही हैं. किसान खेती के लिए पूंजी लगाते हैं मगर उस अनुपात में लाभ नहीं मिलता है. मजदूर नहीं मिलना बड़‍ी समस्या है. ऋण लेते हैं मगर उसका रिटर्न नहीं हो पता है. आज पंचायत में बोरिंग तक की सुविधा नहीं है.
– पवन कुमार साह , किसान
किसानों की ओर सरकार का ध्यान नहीं है. कझिया में लगातार बालू उठाव से खेत करने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है.
– संटु झा, किसान हरिपुर गांव
गोड्डा के किसान सिंचाई के लिए मॉनसून पर निर्भर हैं. सिंचाई व्यवस्था, बीज एवं प्रशिक्षण का अभाव है. किसान पशुपालन से नहीं जुड़ पा रहे हैं. इस कारण आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पाती है.
– मौसम ठाकुर , समाजसेवी सह किसान
किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या सिंचाई को लेकर है. नदी में पहले पानी आने से पहले खेतों तक जाता है. मगर बालू उठाव के कारण दांड़ ऊपर और नदी का मुहाना नीचे हो गया है. आज आत्महत्या की स्थिति किसानों की है.
– मनीष कुमार, युवा किसान गोड्डा
किसानों को आज सही दाम पर बीज नहीं मिल रहा है. विभाग की मनमानी पर रोक नहीं है. सरकार व विभाग खानापूर्ति में लगा है. सब्जी की खेती करता हूं मगर मजदूरों को पैसा देना मुश्किल हो जाता है. सरकार हमारी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रही है.
– नारायण कुमार, किसान
पहले पानी की सुविधा थी तो डंडा चलाकर सिंचाई करते थे लेकिन अब पानी भी नहीं है और मशीन भी नहीं है. मजदूरी करने को विवश हैं. सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है.
– श्रीकांत साह, किसान
सरकार को चाहिए कि सबसे पहले अच्छे व प्रमाणिक बीज की व्यवस्था करे. इस कारण 40 प्रतिशत किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
– संजीव झा, किसान, हरीपुर

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