गोड्डा : धरना स्थल पर पार्टी की ओर से कई तख्तियां लटकी थी. जिसमें स्लोगन लिखा गया था. कुछ स्लोगन तो पार्टी की ओर से था. जिसमें प्रदीप यादव को गलत तरीके से फंसाने तथा अविलंब रिहाई की मांग के साथ-साथ आंदोलन से जुड़ी बातें थी. मगर चार पांच तख्तियां ऐसी थी जिसमें प्रदीप यादव के संदेश थे. संदेश में पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी द्वारा 1985 में दिये गये उस संदेश से मिलता जुलता भी था. लिखा था मैं क्षेत्र का नेता नहीं बेटा हूं. मेरे शरीर के खून का एक एक कतरा आपकी सेवा के लिए समर्पित है. जब तक सांस चलेगी हाजिर रहूंगा.
स्लोगन संदेश से कार्यकर्ताओं में जोश
गोड्डा : धरना स्थल पर पार्टी की ओर से कई तख्तियां लटकी थी. जिसमें स्लोगन लिखा गया था. कुछ स्लोगन तो पार्टी की ओर से था. जिसमें प्रदीप यादव को गलत तरीके से फंसाने तथा अविलंब रिहाई की मांग के साथ-साथ आंदोलन से जुड़ी बातें थी. मगर चार पांच तख्तियां ऐसी थी जिसमें प्रदीप यादव […]
