संवेदक का आवास घेरा, प्रमंडलीय प्रबंधक व रेंजर को बनाया बंधक
विरोध. भुगतान नहीं होने पर फूटा केंदुपत्ता संग्रह करने वाले मजदूरों का गुस्सा... बैंक खाते में मजदूरी का भुगतान नहीं होने से नाराज मजदूरों ने संवेदक के आवास को घेर लिया. इसके बाद निगम के प्रमंडलीय प्रबंधक हंस कुमार मंडल एवं वन क्षेत्र पदाधिकारी एनआइ हक को एक घंटे तक बंधक बनाये रखा. प्रमंडलीय प्रबंधक […]
विरोध. भुगतान नहीं होने पर फूटा केंदुपत्ता संग्रह करने वाले मजदूरों का गुस्सा
बैंक खाते में मजदूरी का भुगतान नहीं होने से नाराज मजदूरों ने संवेदक के आवास को घेर लिया. इसके बाद निगम के प्रमंडलीय प्रबंधक हंस कुमार मंडल एवं वन क्षेत्र पदाधिकारी एनआइ हक को एक घंटे तक बंधक बनाये रखा. प्रमंडलीय प्रबंधक के आश्वासन के बाद आक्रोशित मजदूर शांत हुये.
सुंदरपहाड़ी : प्रखंड के केंदु पत्ता संग्रह करने वाले मजदूरों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा. सैकड़ों की संख्या में जुटे मजदूरों ने पहले टेसोबथन के पास संवेदक के आवास घेर लिया इसके बाद मौके पर उपस्थित निगम के प्रमंडलीय प्रबंधक हंस कुमार मंडल एवं वन क्षेत्र पदाधिकारी एनआइ हक को एक घंटे तक बंधक बनाये रखा. मजदूरों ने कहा कि बैंक खाते में राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है. कई दिनों तक बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद राशि नहीं मिली है. घटना की जानकारी मिलने पर बीडीओ ज्ञानेंद्र, वन संरक्षक अनिल कुमार, रेंजर सीताराम भगत, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
मजदूरों का कहना है कि वर्ष 2015 में राज्य सरकार के निर्णय के मुताबिक केंदुपत्ता के प्राथमिक संग्राहक को अपना खाता खोलकर मजदूरी का भुगतान लेना है. मजदूर को प्राथमिक बैंक में अपना खाता खोलकर राशि भुगतान के निर्देश के बाद 2016 में करीब 42.50 लाख रुपये भुगतान किया गया. मगर सुंदरपहाड़ी के ऐसे 22 खलिहान जहां केंदुपत्ता का संग्रह कर रखा गया है शामिल संताल, पहाड़िया, आदिवासी के अलावा गरीब मजदूरों ने श्री मंडल के समक्ष अपनी बातों को रखते हुये कहा कि प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ रुपये की कमाई करने वाले मजदूर बैंक का चक्कर लगाने के बावजूद भी निराश होकर लाैटते हैं.
कम राशि व बैंक के चक्कर में उनकी मजदूरी मारी जाती है. मामले को लेकर प्रबंधक श्री मंडल ने कहा कि बैंक व समिति के माध्यम से मजदूरी का भुगतान होने से मजदूरों को बोनस का लाभ मिलता है. मगर इस तरह की परेशानी को लेकर खलिहान में ही मजदूरों को राशि भुगतान के लिये अपनी ओर से वरीय पदाधिकारी के समक्ष रखा जायेगा. श्री मंडल ने कहा कि उनकी ओर से इस मामले पर प्रयास रहेगा. श्री मंडल द्वारा आश्वासन के बाद मजदूरों ने आंदोलन वापस ले लिया.
मजदूरों की मांग: कम पैसे को सीधे भुगतान करें , खाता में परेशानी
