Giridih News : प्रतिनिधि, गांडेय. प्रखंड के चंपापुर पंचायत में उपमुखिया व वेंडर द्वारा जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा के तहत संचालित दीदी- बाड़ी योजनाओं में फर्जी तरीके से राशि की निकासी का मामला उजागर हुआ है. सबसे बड़ी बात है कि उक्त योजनाओं में नाबालिगों को मजदूर बताकर भी निकासी कर ली गई है. मामले को ले उप विकास आयुक्त ने बीडीओ, बीपीओ, मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व अभियंता समेत उप मुखिया, भेंडर व नाबालिगों पर अर्थदंड लगाते हुए राशि की रिकवरी का निर्देश दिया है.
क्या है मामला :
बता दें कि महिला स्वयं सहायता समूह की शिकायत पर तत्कालीन लोकपाल तमन्ना परवीन ने पंचायत में मनरेगा एक्ट के तहत संचालित दीदी बाड़ी योजना की जांच की थी. जांच के क्रम में पाया गया था कि 5 एकड़ 17 डिसमिल की जमीन पर संचालित दीदी-बाड़ी योजना स्थल पर नहीं थी. उक्त योजना में पंचायत की उप मुखिया रुबेदा खातून, सामग्री आपूर्तिकर्ता करामत अंसारी समेत रियाज अंसारी (पिता करामत अंसारी), नाबालिग गुफराना परवीन, हसीबा खातून और नजिमा खातून का अवैध रूप से जॉब कार्ड बनाकर मजदूरी मद की राशि निकासी कर ली गयी है. इस मामले में उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक गिरिडीह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त ने दोषी पदाधिकारी और कर्मियों पर राशि की रिकवरी का आदेश दिया गया है. इस मामले में निर्गत पत्र में बीडीओ निशात अंजुम, तत्कालीन मनरेगा बीपीओ मनीषा टुडू, सहायक अभियंता संतोष कुमार महथा, कनीय अभियंता प्रवीण कुमार मंडल पर प्रति व्यक्ति1,47,000 रुपये (147 योजना पर एक एक हजार जुर्माना) की राशि जमा करने का निर्देश दिया है. चंंपापुर की मुखिया जूंगी देवी, पंचायत सचिव जितेंद्र कुमार सिंह, ग्राम रोजगार सेवक बिरेन्द्र कुमार किस्कू एवं कंप्यूटर सहायक रोहित कुमार पर प्रति व्यक्ति 9,01,156 रुपये की वसूली करने का निर्देश दिया गया है.उप मुखिया, भेंडर व अन्य को रिकवरी का निर्देश : इस मामले में उपमुखिया रुबेदा खातुन पर 63,128 रुपये, सना खातुन पर 26,112 रुपए, मनरेगा साम्रगी के आपूर्तिकर्ता करामत अंसारी पर 58,821रुपये, रियाज अंसारी पर 66,722 रुपए, गुफरान परवीन पर 26,112 रुपए और नजीबा खातून पर 26,780 रुपये की वसूली का निर्देश दिया गया है.
