गांडेय/गिरिडीह. गिरिडीह-मधुपुर रेलखंड पर महेशमुंडा रेलवे स्टेशन के पास बने अंडरपास में जलजमाव की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. बारिश के बाद अंडरपास में पानी जमा होने से रास्ता कीचड़मय हो गया है. इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है.
कोडरमा रेल लाइन के विस्तार के दौरान महेशमुंडा रेलवे स्टेशन के पास इस अंडरपास का निर्माण किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद से ही यहां जलजमाव की समस्या बनी हुई है. कई बार मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की गयी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका.
रोज गुजरते हैं सैकड़ों वाहन
महेशमुंडा अंडरपास गांडेय-बेंगाबाद के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है. यहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है. अंडरपास में पानी जमा रहने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है. बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अंडरपास में पानी और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है.
चार हजार बच्चों पर पड़ रहा असर
स्थानीय लोगों ने बताया कि महेशमुंडा मिशन में करीब चार हजार बच्चे पढ़ते हैं. ट्रेन की आवाजाही के बीच अंडरपास ही आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है. जलजमाव और कीचड़ के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है.
सामाजिक कार्यकर्ता पिंकू हलवाई, भाजपा नेता गोपाल राणा, राजेश राय, झामुमो के मो. अनवर, व्यवसायी विनोद ठाकुर, मोहन शर्मा, मो. गफ्फार और मिथलेश वर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि अंडरपास की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है.
मरम्मत के नाम पर होती रही खानापूर्ति
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव से निजात दिलाने के लिए अंडरपास में कई बार काम कराया गया. कभी स्लैब का निर्माण, कभी पीसीसी ढलाई, कभी फुटपाथ निर्माण तो कभी नालियों की सफाई करायी गयी. इसके बावजूद बारिश होते ही पानी जमा हो जाता है.
लोगों का आरोप है कि बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है. इससे रेल प्रशासन की ओर से किये जा रहे काम की गुणवत्ता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से महेशमुंडा अंडरपास में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या दूर नहीं होगी. जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और अंडरपास के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाकर काम कराने की जरूरत है.
