पेयजल के लिए दोनों प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह सात बूथ बनाये गये हैं. ताकि, ट्रेन का इतंजार और सफर करने वाले यात्री अपनी प्यास बुझा सकें. एक सप्ताह से दोनों प्लेटफॉर्म पर एक बूंद पानी नहीं आ रहा है. प्यासे रेल यात्री पेयजल के लिए ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म में लगे नल के पास जाते हैं, लेकिन नल से पानी नहीं मिलने पर उन्हें भारी दिक्कत होती है. पानी के लिए उन्हें इधर-उधर प्लेटफार्म पर दौड़ लगानी पड़ती है, तब तक ट्रेन खुल जाती है. ऐसे में चलती ट्रेन में यात्रियों को दौड़कर चढ़ना पड़ता है. इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
चापाकल भी खराब
रेलवे प्लेटफॉर्म पर लगा चापाकल भी खराब है. रेलवे पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर रही है. मजबूरन रेल यात्रियों को 20 रुपये लीटर पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है. समस्या के समाधान के लिए कई रेल यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया. बताते दें कि हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन पर कालका मेल, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मुंबई मेल, जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस, शिप्रा एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, आसनसोल-वाराणसी एक्सप्रेस, लुधियाना एक्सप्रेस, गंगा-दामादोर एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी के दो दर्जन से अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता है
लगभग 10 हजार यात्रियों का होता है आवागमन
इस स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 10 हजार यात्रियों का आना-जाना होता है. प्लेटफार्म पर वाटर कूलर तो जरूर लगे हैं, परंतु पानी नहीं रहने के कारण दूर से सफर कर रहे यात्रियों को महंगे दामों में पानी खरीदना मजबूरी है. जल्द सुविधा उपलब्ध नहीं कराये जाते पर स्थानीय यात्रियों ने रेल यात्री सुविधा संघ के बैनर तले आंदोलन करने की चेतावनी दी है. इधर, एक अधिकारी ने बताया कि हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन की श्रेणी में है, जिसके विकास का कार्य दो वर्षों से जारी है. आइओडब्ल्यू हजारीबाग रोड द्वारा गति शक्ति को रेलवे प्लेटफार्म में पेयजल से संबंधित लगे सारे इक्विपमेंट, किट व संसाधन एक वर्ष पूर्व हस्तांतरित कर दिये गये हैं, लेकिन पाइपलाइन का काम धीमी गति से चल रहा है. इसका परिणाम रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. वर्तमान में पेयजल आपूर्ति गति शक्ति के अधीन है.
