50 हजार रुपये रंगदारी मांगने, धक्का मुक्की करने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए बिरनी थाना में आवेदन देकर शिकायत की थी. इस मामले का पटाक्षेप हो गया है. मुखिया के ऊपर रंगदारी मांगने के आरोप को मुख्तार अंसारी साबित नहीं कर पाया.
थाना में हुई बैठक
बीते बुधवार देर शाम को बिरनी थाना में मुखिया व गणमान्य ग्रामीण समेत मुख्तार अंसारी के बीच एएसआई चरवा मिंज की उपस्थिति में आपसी बैठक हुई. इस दौरान मुख्तार अंसारी ने पुलिस पदाधिकारी के समक्ष कहा कि मुखिया व अन्य लोगों के उपर 50 हजार रु रंगदारी मांगने का जो आरोप लगाया था, वह गलत है. बहकावे में आकर उसने इस तरह का आरोप लगाया था. इसके बाद मुख्तार अंसारी के द्वारा बिरनी थाना में की गयी लिखित शिकायत को वापस लेते हुए थाना में लिखित रूप से आवेदन देते हुए कहा कि इस तरह की पुनरावृत्ति भविष्य में कभी नहीं होगी. वहीं मुखिया ने कहा कि मुख्तार अंसारी उनके छोटे भाई की तरह हैं.
