बगोदर प्रखंड में 22 पंचायत हैं. इसमें विकास योजना की रूपरेखा और समस्याओं के समाधान को लेकर प्रस्ताव पारित किया जाता है. इस बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी भी होते हैं. इधर, तीन माह से बैठक नहीं होने से अबुआ आवास, जन्म, मृत्यु और अन्य प्रमाणपत्र बनाने, पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान पर कोई काम नहीं हो रहा है.
क्षेत्र में पेयजल की समस्या से परेशान हैं लोग
क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. नल जल योजना चालू नहीं है. इस पर पूर्व में प्रस्ताव भी लिये गये थे, लेकिन कोई भी पहल नहीं हो रही है. उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की है. कहा कि सदस्य क्षेत्र के समस्या उचित प्लेटफॉर्म पर नहीं रखा पा रहे हैं, इससे लोगों को परेशानी हो रही है.
बैठक के लिए बीडीओ से किया जायेगा पत्राचार : प्रखंड प्रमुख
इस संबंध में प्रखंड प्रमुख आशा राज ने कहा कि कई प्रस्ताव पर अधिकारियों की गंभीरता नहीं होने से अमल नहीं हो रहा है. कई लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है. अन्य समस्याएं भी दूर नहीं हो रही हैं. मई माह में मासिक बैठक को लेकर बीडीओ को पत्र दिया जायेगा.
