एसडीपीओ धनंजय कुमार ने छात्राओं को जेंडर समानता का संदेश देते हुए कहा कि बच्चों और बच्चियों में कोई अंतर नहीं है. महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं, लेकिन आज भी कई महिलाएं अपने अधिकारों का पूरा लाभ नहीं ले पा रही हैं. उन्होंने छात्राओं को पोक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार का शोषण गंभीर अपराध है. उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्रा को छेड़छाड़, उत्पीड़न, धमकी या मानसिक प्रताड़ना जैसी समस्या का सामना करना पड़े, तो वह बेहिचक अपने अभिभावकों, शिक्षकों या नजदीकी थाना में शिकायत करें.
तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, जागरूक रहें
बच्चियां
वहीं मोनीला जैन ने कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट, मोबाइल और एआइ के दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. बच्चियां भी साइबर अपराध का शिकार हो रही हैं. उन्होंने मोबाइल और इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की. इस दौरान छात्राओं को गुड टच एवं बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गयी. विद्यालय सचिव छोटू यादव ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं. कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नंदलाल राणा ने किया. मौके पर विद्यालय की प्राचार्या धनेश्वरी देवी, शिक्षक हेमलाल प्रसाद समेत अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे.
