जिला प्रशासन और द नज संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को प्रखंड परिसर में इनसाइट प्रोग्राम के तहत जरूरतमंद लाभुकों के बीच नि:शुल्क चश्मे का वितरण किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डीसी रामनिवास यादव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनीता कुजूर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक कौशिक अप्पू, बीडीओ निसात अंजुम, सीओ ओमप्रकाश बड़ाईक और प्रमुख राजकुमार पाठक ने किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.
स्पष्ट दृष्टि से बेहतर पढ़ाई और काम : डीसी
डीसी रामनिवास यादव ने कहा कि आंखें शरीर का सबसे अहम और नाजुक अंग हैं. सामान्य तौर पर 40 वर्ष की उम्र के बाद नजदीक की दृष्टि कमजोर होने लगती है. समय पर इसकी पहचान और उपचार से दृष्टि को बेहतर बनाए रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि इनसाइट प्रोग्राम के माध्यम से नजदीक की दृष्टि संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को चश्मा उपलब्ध कराना जनोपयोगी पहल है.
दृष्टि का सीधा संबंध रोजगार और आय से
डीसी ने कहा कि किसी व्यक्ति की देखने की क्षमता का सीधा संबंध उसकी पढ़ाई, कार्यक्षमता, रोजगार और आजीविका से है. स्पष्ट दिखाई देने पर व्यक्ति अपने काम को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकता है, जिससे उसकी उत्पादकता और आय में भी वृद्धि होती है. उन्होंने कहा कि नजदीक की नजर साफ होगी तो बेहतर पढ़ाई, बेहतर काम और बेहतर कमाई की राह आसान होगी.
विधायक की पहल से शुरू हुआ कार्यक्रम
डीसी ने कहा कि विधायक कल्पना सोरेन की पहल और जनहित की सोच के परिणामस्वरूप गांडेय में इनसाइट प्रोग्राम की शुरुआत संभव हो सकी है. यह पहल जरूरतमंद लोगों को दृष्टि स्वास्थ्य का लाभ देने के साथ उन्हें शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनकल्याण से जुड़ी ऐसी पहलों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
छह महिलाओं की हुई गोद भराई, बच्चों का अन्नप्राशन
कार्यक्रम के दौरान डीसी ने लाभुकों के बीच नि:शुल्क चश्मों का वितरण किया. इसके अलावा छह महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया. मौके पर मुखिया अमृतलाल पाठक, अकबर अंसारी, झामुमो के मो. आलम, पूर्व मुखिया हरि मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता हाजी मो. उस्मान, मीठू पाठक, मो. अनवर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
