इतना ही नहीं ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया है कि विभाग जबरन उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जो गलत है. सोमवार को जैसे ही विभाग के द्वारा ट्रेंच खुदाई करने के लिए पहुंचे, वैसे ही ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और रास्ते में ही वन विभाग के कर्मियों को रोक दिया. ग्रामीणों का कहना था कि जिस जमीन पर विभाग ट्रेंच कटाई का काम करवा रहा है, वह उनके पूर्वजों की जमीन है. इस जमीन पर वे लोग खेती-किसानी करते आ रहे हैं.
विभाग ने रोका काम
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना किसी सूचना के वन विभाग अपनी जमीन बताकर काम शुरू कर दिया है. इस दौरान विभाग के कर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहसा-बहसी भी हुई. इसके बाद विभाग के द्वारा ट्रेंच कटाई का काम फिलहाल रोक दिया गया.
वनपाल ने दी वरीय अधिकारियों को सूचना : वनपाल
वनपाल अभिमित कुमार ने कहा कि ग्रामीण जिस तरह से विरोध कर रहे हैं, वह गलत है. उक्त जमीन वन विभाग की है और इसके सारे कागजात विभाग के पास हैं. ऐसे में ग्रामीणों के द्वारा जबरन विभाग के कार्य को रोका जा रहा है. बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग के उच्च आधिकारियों को दे दी गयी है.
