Giridih News : जमुआ. आजादी के अमृत काल में जहां एक तरफ देश में चमचमाती सड़कों और विकास के बड़े-बड़े दावे किये जा रहे हैं तो दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र के 10 गांव आज भी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं. इन गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़नेवाली जोरासांख से निकली छह किमी लंबी सड़क सालों से जर्जर है. राजनेता व प्रशासन की बेरुखी से आजिज ग्रामीणों ने महापंचायत में एकजुट होकर आगामी चुनावों के बहिष्कार का एलान किया है.
हर तबका है परेशान :
मधवा, लालवाटांड़, कुबरी, बलगो, कारी चट्टान, कीर्तनियाडीह, घोरंजो, सुखनुडीह, बड़ाडीह, परबतो के ग्रामीण नकुल यादव, रामचंद्र यादव, गुलाब यादव, हरिश्चंद्र यादव, अशोक यादव, किशुन हांसदा, दीपक सोरेन, मनोहर मुर्मू, पंसस सोनिया हेंबम, मुखिया महावीर दास आदि ने कहा कि इस मुख्य संपर्क मार्ग की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यहां सड़क कम और गहरे गड्ढे ज़्यादा हैं. एंबुलेंस समय पर गांव नहीं पहुंच पाती. प्रसव पीड़ा के दौरान महिलाओं या किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती है. बारिश के दिनों में यह सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी रोज़ाना दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. किसान को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.नेता सिर्फ चुनाव में आते हैं नजर
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने आने वाले प्रत्याशी जीतने के बाद इधर का भूल कर भी रुख नहीं करते. कई बार लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद जनप्रतिनिधि समस्या की सुध नहीं लेते. नेताओं के इस ””””””””मौन व्रत”””””””” ने ग्रामीणों को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है.घरों के बाहर ‘चुनाव बहिष्कार’ के बोर्डगांव के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने मिलकर एक महापंचायत की, जिसमें सर्वसम्मति से चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया गया. ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सालों से सिर्फ खोखले आश्वासन सुन रहे हैं. इस बार ग्रामीण किसी भी बहकावे में नहीं आयेंगे. जब तक सड़क का काम शुरू नहीं होता, तब तक इन गांवों में किसी भी नेता को पैर नहीं रखने दिया जायेगा. घरों के बाहर ‘चुनाव बहिष्कार’ के बोर्ड लगाये जायेंगे.
कुछ भाग वन भूमि में पड़ने से हुई परेशानी : केदारजमुआ के पूर्व विधायक व झामुमो केंद्रीय कमेटी के सदस्य केदार हाजरा ने कहा कि अपने कार्यकाल में घोरंजो से परबतो गांव तक मिट्टी मोरम का कार्य कराया था. यह सड़क जोरासांख पक्की सड़क को जोड़ता है. इस दौरान कुछ भाग वन भूमि में पड़ जाने से पक्कीकरण कराने में परेशानी उत्पन्न हुई है. ग्रामीण वन प्रमंडल गिरिडीह पश्चिमी जोन को वन अधिकार समिति से एक ग्राम सभा से पारित कर प्रस्ताव देंगे तो विभागीय एनओसी मिलने से सरकार से इस रोड का पक्कीकरण कराने की दिशा पहल की जायेगी.
अभिलेख राज्य सरकार के पास भेजा जा चुका है : मंजू कुमारीजमुआ विधायक डॉ मंजु कुमारी ने ग्रामीणों से शिकायतें मिलने की पुष्टि की हैं. इस दिशा में कार्य आरंभ कर दिया गया है. जिला की बैठक में उक्त सड़क निर्माण से संबंधित अभिलेख राज्य सरकार के पास भेजा जा चुका है. चूंकि सड़क लंबी है, इसलिए राज्य सरकार की मद से योजना को कार्यरूप दिया जाना है.
