पचंबा थाना क्षेत्र के लोहपिट्टी में स्थित एक जमीन को लेकर हुए विवाद में दो गुटों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. इस जमीन के कारोबार में लेन-देन को लेकर एक लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. भू-माफियाओं के एक गुट का निवेश राशि नहीं मिलने के कारण उसके समर्थकों ने शुक्रवार की रात लोहपिट्टी में घेरे गये जमीन के बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया. बताया जाता है कि जब इसकी सूचना दूसरे गुट को मिली तो दूसरा गुट भी सक्रिय हुआ और शनिवार को अलसुबह लगभग सौ-डेढ़ सौ लोग पहला गुट के सरगना के घर और ऑफिस को घेर लिया. लोग इतने आक्रोशित थे कि घर और ऑफिस दोनों को क्षतिग्रस्त करने की तैयारी थी. इसके लिए दूसरा गुट जेसीबी समेत तोड़-फोड़ की अन्य सामग्री लेकर पहुंच गये थे. जैसे ही तोड़-फोड़ शुरू हुई, पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गयी. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया. दोनों पक्ष को शांति व्यवस्था बहाल रखने का निर्देश देते हुए थाना बुलाया गया.
समझौते के बाद नहीं हुई प्राथमिकी
बताया जाता है कि आक्रोशित दूसरा गुट प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दबाव बना रहा था. इसी बीच समझौता का प्रयास शुरू हो गया. दोनों पक्षों को बताया गया कि आपस में सुलह कर लेने में ही भलाई है. इसके बाद दोनों पक्ष के लोग बैठे और समझौता कर लिया. बताया जाता है कि समझौते के बाद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. इस मामले को लेकर अब भी आक्रोश बना हुआ है. हालांकि, दोनों गुट के लोग पिछले कुछ वर्षों से भूमि कब्जा करने पर उतारु हैं.8-10 घंटे पुलिस रही परेशान
सूत्रों का कहना है कि पहला गुट ने जमीन खरीदी के लिए जमीन के पावर होल्डर से एग्रीमेंट किया था. लेकिन पावर होल्डर का कहना था कि समय पर पूरी राशि नहीं मिलने के कारण उसने जमीन दूसरे गुट को कारोबार के लिए दे दिया है. इसी बात को लेकर विवाद हुई और मामला मारपीट और तोड़-फोड़ तक पहुंच गया. शुरूआती दौर में तो दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और तोड़-फोड़ का अरोप लगाया था, लेकिन बाद में समझौता हो गया. गौरतलब बात तो यह है कि इस दौरान पुलिस अनहोनी को रोकने के लिए लगभग 8-10 घंटे परेशान रही. बताया जा रहा है कि भू माफिया अपनी रकम की वसूली करने के लिए इस तरह की हरकत आये दिन करते रहते हैं. इधर पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि आपस में समझौता कर लिये जाने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.लोहपिट्टी के इस जमीन पर पूर्व में भी हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार लोहपिट्टी मौजा के खाता नंबर 97 के प्लॉट नंबर 798-738 जिसका कुल रकवा 6.58 एकड़ है, को लेकर एक लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. गांव के कई लोगों का कहना था कि इस जमीन को अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है और भू माफियाओं द्वारा इसे बेचने की तैयारी की जा रही है. विवाद के कारण गिरिडीह के अनुमंडल दंडाधिकारी ने शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए उक्त जमीन पर 163 बीएनएसएस की कार्रवाई शुरू करते हुए जमीन पर किसी भी तरह के काम करने से रोक लगा दिया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
