बताया गया कि पूर्व में उक्त स्थल पर 16 प्लॉट में बने आवास को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश उच्च न्यायालय से अंचल को मिला था. इसके बाद कुछ लोगों द्वारा याचिका दायर करने पर 14 प्लॉट पर अगले आदेश तक कार्रवाई पर रोक लगा दी गयी. शेष दो प्लॉट पर बनें तीन मकानों को दो जेसीबी मशीन के सहयोग से ध्वस्त कर दिया गया.
प्रशासन को करना पड़ा विरोध का सामना
गुरुवार की दोपहर 12 बजे प्रशासन की टीम सीओ के अगुवाई में वहां पहुंची और एक बड़े घर को तोड़ना शुरू किया, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. लोग प्रशासन पर हमला करने को उतारू हो गये. कार्रवाई को रोकने के लिए महिलाएं जेसीबी मशीन के सामने आ गयीं. उनका कहना था कि हमलोग वर्षों से यहां रहते आ रहे हैं. इसके कागजात भी हमलोग के पास हैं. इसपर मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता मरगूब आलम ने प्रशासन से भवन तोड़ने के आदेश की कागजात मांगने लगे. इसके बाद ग्रामीण सड़क पर उतर गये और प्रशासन का विरोध जताने लगे. बाद में बढ़ते विरोध को देखते हुए कार्रवाई करने पहुंची टीम घर को आंशिक रूप से तोड़कर वापस लौट गयी. बाद में सीओ ने जनप्रतिनिधियों को न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाई तो सभी शांत हो गए.
अतिरिक्त पुलिस बल के बाद पुनः कार्रवाई के लिए पहुंची टीम
बाद में संध्या शाम लगभग चार बजे अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पुलिस स्थल पर पहुंची और दो जेसीबी मशीन के सहयोग से विवादित स्थल पर बने तीन घरों को बारी-बारी से ध्वस्त कर दिया. इस दौरान स्थल पर कार्रवाई को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. हालांकि घर टूटने के दौरान घर की महिलाएं और बच्चे दहाड़ मारकर रो-रो रहे थे. इसमें एक ऐसे भी परिवार थे जिनका कार्रवाई के दौरान ध्वस्त हुए मकान के अलावा रहने का कोई स्थान नहीं था. उक्त परिवार बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है. उनका कहना था कि वह इस जमीन को खरीदकर स्थायी रूप से घर बनाकर लंबे समय से रह रहे थे. घर के टूटने से वे सड़क पर आ गये हैं.
लंबे समय से चल रहा है विवाद
गावां-तिसरी पथ पर खोटमनाय के पास कई गैरमजरुआ भूमि पर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. इस दौरान अंचल के द्वारा उक्त स्थल पर किसी तरह के निर्माण नहीं किये जाने की चेतावनी देकर सरकारी बोर्ड भी लगाया गया था. मामले में हल्का कर्मचारी, अमीन आदि ने जमीन की मापी करते हुए अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी दिया था. एक सप्ताह पूर्व डीसी रामनिवास यादव व एसडीएम अनिमेष रंजन ने भी स्थल की जांच की थी. सीओ अविनाश रंजन ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर तीन घरों को ध्वस्त किया गया.
