Giridih News : बाल श्रम से मुक्त कराये गये तीन बच्चे

Giridih News : बाल श्रम कराना कानूनी अपराध, फिर भी जारी है बच्चों से काम कराने की घटनाएं

Giridih News : प्रतिनिधि, गिरिडीह. गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड में बाल एवं किशोर श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन के तहत धावा दल ने हैदराबादी बिरयानी सेंटर और एक बिहारी होटल में छापेमारी कर तीन बाल मजदूरों को मुक्त कराया. प्राप्त जानकारी के अनुसार देवरी के श्रम प्रवर्तन अधिकारी सन्नी कुमार के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की. छापेमारी के दौरान पाया गया कि दोनों होटलों में नाबालिग बच्चों से कार्य कराया जा रहा है, जो कि बाल श्रम की श्रेणी में आता है. तत्पश्चात तीनों बच्चों को तत्काल मुक्त कराया गया. रेस्क्यू के बाद बच्चों को आवश्यक देखभाल प्रदान करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया को बाल कल्याण समिति गिरिडीह के समक्ष प्रस्तुत किया गया. समिति द्वारा बच्चों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए आवश्यक निर्देश दिये जायेंगे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम एक गंभीर दंडनीय अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस अभियान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम गिरिडीह की टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई. संस्था की ओर से कार्यक्रम समन्वयक उत्तम कुमार, उज्ज्वल मिश्रा एवं अन्य सामुदायिक कार्यकर्ता उपस्थित थे. इसमें बाल अधिकार एक्टिविस्ट सुरेश शक्ति ने अहम भूमिका निभाई. टीम के सदस्यों ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है. अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है. उन्होंने अपील की कि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें.

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By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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