सफेद पत्थरों की ढुलाई की जानकारी वन विभाग को देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है. इससे परेशान ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. बेंगाबाद के झलकडीहा, जरूआडीह, ताराजोरी, गेनरो, चितमाडीह, ओझाडीह, ताराटांड़, तेलोनारी सहित अन्य पंचायतों के वन भूमि से सफेद पत्थरों का खनन धड़ल्ले से हो रहा है.
रात में होती है ढुलाई
दिन में स्थानीय मजदूरों से सफेद पत्थरों की खुदाई करवायी जाती है. खुदाई के बाद पत्थरों को एक स्थान पर रखा जाता है रात में ट्रैक्टर से सफेद पत्थर बेंगाबाद के अलावा पचंबा में संचालित प्लांटों में इसे खपाया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन सौ से अधिक ट्रैक्टर से सफेद पत्थरों की ढुलाई हो रही है. ढुलाई रात में होती है. इससे वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है. रात में जंगली जानवरों के विचरण पर भी आफत है. ग्रामीणों के अनुसार इस बात की जानकारी वन विभाग के सब बीट प्रभारियों को दी गयी है. सब बीट प्रभारी द्वारा पहल नहीं होने से पत्थर माफियाओं का मनोबल बढ़ता जा रहा है.
ग्रामीणों ने रोक लगाने के लिए डीसी को दिया आवेदनइधर, ग्रामीण नकुल मंडल, राधा देवी, सीताराम मंडल, महेश मंडल सहित अन्य ने उपायुक्त को आवेदन देकर सफेद पत्थरों की तस्करी पर रोकथाम की मांग की है. कहा है कि एक भी सफेद पत्थर का लीज बेंगाबाद में नहीं है, बावजूद आधा दर्जन से अधिक प्लांट बेंगाबाद में और दो से तीन प्लांट पचंबा और गिरिडीह शहर में संचालित है, जहां पत्थरों की सप्लाई की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
