गिरिडीह. गिरिडीह अंचल क्षेत्र के करहरबारी मौजा में स्थित नदी की जमीन को कुछ भू-माफियाओं के द्वारा घेरा जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार खरियोडीह नदी करहरबारी और जरीडीह मौजा की ओर बहती है. यहां बक्शीडीह गांव भी है जहां भूमि का अधिग्रहण कर के डेम बनाया गया है. सूत्रों का कहना है कि उक्त जमीन का अधिग्रहण पूर्व में किया गया है और गैरमजरूआ खास जमीन है. खरियोडीह गांव में स्थित प्लॉट नंबर 2983 की इसी जमीन पर खरियोडीह नदी भी बहती है जिसके कुछ हिस्से की जमीन को घेरा जा रहा है. बताया जाता है कि पूर्व में भी इस जमीन को घेरने का प्रयास किया गया था जिसकी सूचना पर गिरिडीह अंचल के सीओ मो. असलम ने दो माह पूर्व रोक लगा दी थी और अमीन को जमीन मापी के लिए भेजा था. अमीन ने अपना रिपोर्ट अंचल कार्यालय को सौंप दिया है और बताया है कि उक्त स्थल पर अवैध तरीके से गैरमजरूआ खास जमीन की घेराबंदी की जा रही थी. सूत्रों ने बताया कि कुछ दिनों तक तो काम बंद रहा लेकिन पुन: उक्त जमीन की घेराबंदी शुरू कर दी गयी. अमीन अजय यादव ने बताया कि रैयत को पूर्व में हीं चेतावनी दी गयी थी कि वह गैरमजरूआ जमीन की घेराबंदी न करें और मिट्टी हटा लें. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी गैरमजरूआ जमीन के कुछ हिस्से को घेरने की सूचना मिली है जिसे रूकवाया जा रहा है. वहीं सीओ मो. असलम ने बताया कि अवैध घेराबंदी की सूचना मिलने के बाद पचंबा थाना की पुलिस स्थल पर पहुंची है और निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया है. कहा कि मामले की जांच करने के उपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
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