इन घटनाओं में जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई है, पर कई गरीब परिवारों का आशियाना उजड़ गया. पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना का लाभ व मुआवजा देने की मांग की है.
खोरोडीह में मजदूर सुरेश कांदू का मकान गिरा
सलैयडीह उर्फ खोरोडीह पंचायत के खोरोडीह गांव में मजदूरी कर परिवार चलाने वाले सुरेश कांदू का मिट्टी से बना घर गुरुवार की देर रात भारी बारिश के कारण ढह गया. घर का अगला हिस्सा गिरने से मकान असुरक्षित हो गया है.
चतरो गांव में मनोज बरनवाल का परिवार बेघर
चतरो गांव निवासी मनोज बरनवाल का कच्चा मकान भी भारी बारिश में धराशायी हो गया. तीन लोगों का उनका परिवार अब गांव के ही एक व्यक्ति के घर में शरण लिये हुए है. वहीं, उनके भाई अवधेश बरनवाल को मजबूरी में एक पुराने जर्जर घर में रहना पड़ रहा है. यह कभी भी गिर सकता है.नावाडीह गांव में दो घर गिरे, भारी नुकसान
बेड़ोडीह पंचायत के नावाडीह गांव में बारिश ने दो परिवारों को बेघर कर दिया. मंगलवार रात किसान मनोज राय की झोंपड़ी ढह गयी. उन्होंने बताया कि घर में रखे चावल, गेहूं, आलू, कपड़े और बर्तन दबकर खराब हो गया. इस घटना से एक लाख रु की संपत्ति का नुकसान हुआ है. शुक्रवार की दोपहर बाद नावाडीह गांव व्यास राय का मकान भी अचानक ढह गया. गनीमत रही कि उस वक्त परिवार के सदस्य घर के बाहर थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. व्यास राय का कहना है कि अब उनके पास रहने के लिए दूसरा घर नहीं है.हिरिया देवी भी हुई बेघर, प्रशासन से लगायी गुहार
कांटीदिघी गांव के टोला लिलैया की हिरिया देवी का भी मिट्टी से बना घर बारिश के कारण गिर गया. उन्होंने प्रशासन से आवास योजना के तहत घर दिलाने की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
