सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्तमान की हेमंत सोरेन की सरकार को गांव और गांव के गरीबों से कोई सरोकार नहीं है. मुख्यमंत्री को गरीबी और समस्या का कोई ज्ञान ही नहीं है. यही वजह है कि झारखंड राज्य बनने के बाद जब भाजपा की सरकार थी और मैं मुख्यमंत्री था, उस समय किसी को कहने की जरूरत नहीं थी. गांव तक पहुंचने के लिए सड़कें, पुल-पुलिया का जाल बिछाया जा रहे थे. लेकिन, जैसे ही झारखंड की सत्ता हेमंत सोरेन के हाथों गयी, गांव में फिर से समस्याओं का मकड़जाल बिछ गया.
राज्य में ठप हो गये विकास के कार्य
विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गया है. कहा कि तिसरी प्रखंड के ऐसे सभी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में गांव तक पहुंचने के लिए सड़क, पुल-पुलिया बनायी जाएगी और पेयजल की भी व्यवस्था होगी, जो गांव अभी तक वंचित हैं. ग्रामीणों की मांग पर तिसरी प्रखंड सीमा और बिहार के सीमा गगनपुर के बीच किल्ली नाले पर शीघ्र ही पुल बनवाने की बात कही. सभा को मनोज यादव, लक्ष्मण मोदी, सुनील साव, किशुन यादव आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर भाजपा जिला मंत्री मनोज यादव, किशुन यादव, तिसरी व चंदौरी मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा व सुनील साव, खटपोक के मुखिया जानकी यादव, लक्ष्मण मोदी, मोहन मोदी, रामचंद्र ठाकुर, उदय साव समेत ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे.
और भाजपा की उपलब्धि बताई.