विधायक ने विधानसभा में कहा था कि सोना पहाड़ी मंदिर का संचालन किसी व्यक्ति विशेष द्वारा किया जा रहा है, जिसे सार्वजनिक किये जाने की मांग की थी. इससे सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है. इसके बाद सोना पहाड़ी मंदिर और आसपास के जीविकोपार्जन से जुड़े लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था. सोमवार को सोना पहाड़ी मंदिर कमेटी ने ग्रामीणों के साथ बेको में विधायक नागेंद्र महतो का पुतला दहन बेको में किया गया. पुतला दहन कार्यक्रम से पूर्व मंदिर परिसर से विधायक नागेंद्र महतो का पुतला बनाकर शव यात्रा निकाली गयी. नेतृत्व सोना पहाड़ी मंदिर कमेटी के संरक्षक पूरन महतो कर रहे थे. प्रतिवाद मार्च में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और मंदिर कमेटी के सदस्य मौजूद थे.
पूरे पंचायत में निकली मार्च
मार्च पूरे बेको पूर्वी पंचायत का भ्रमण करते हुए गोपालडीह हाइस्कूल के बगल स्थित बगीचा में पहुंचा और विधायक पुतला दहन किया. मंदिर कमेटी के संरक्षक पूरन महतो ने कहा कि तीन सौ साल पुरानी माता द्वारसेनी सोना पहाड़ी मंदिर काफी सिद्ध है. यहां झारखंड के अलावा बिहार से लोग पूजा करने आते हैं. वहीं मंदिर में पूजा भी गैर ब्राह्मण करते हैं. मंदिर को सार्वजनिक किये जाने को लेकर विधायक सदन में आवाज उठाकर सभी की रोजीरोटी छीनने पर तुले हैं. वहीं, शुल्क वसूली की बात कही जा रही है, जो सार्थक नहीं है. उन्होंने कहा कि सोना पहाड़ी मंदिर से होने वाली आय से साफ-सफाई और व्यवस्था बनाये रखने के लिए किया जाता है, लेकिन मंदिर को सरकारीकरण किये जाने का मामले उठाने से मंदिर संचालन से जुड़े लोगों ने विरोध जताया है.
माफी मांगने तक चलेगा आंदोलन
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष खेमलाल महतो ने कहा कि विधायक जब तक मंदिर कमेटी के सदस्यों से माफी नहीं मांगते हैं, तब तक उनके खिलाफ आंदोलन किया जायेगा. मौके पर कमेटी अध्यक्ष खेमलाल महतो, सचिव जगरनाथ महतो, चंद्रदेव महतो, संरक्षक पूरन महतो, हिरामन महतो, फलजीत महतो, भूषण महतो, हीरालाल घासी, रूपचंद्र घासी, लालचंद साव, बासुदेव पंडित, भीम पंडित, घनश्याम महतो, सीता देवी, भगिया देवी, मीना देवी, गीता देवी, बबिता देवी, सरिता देवी, मंदोदरी देवी आदि मौजूद थे.
