बताया गया कि वर्ष 2017-18 से 2022-23 में प्रखंड में कुल 1334 योजनाएं लंबित हैं. वर्ष 2017-18 में 13, 2018-19 में 11, 2020-21 में 191, 2021-22 में 343, 2022-23 में 776 योजनाओं को एमआइएस में पूरा नहीं किया गया. इसमें असको में 28, बैरिया में 38, बांसडीह में 18, बरवाबाद में 02, बेड़ोडीह में 46, भेलवाघाटी में 88, चहाल में 21, चतरो में 20, चिकनाडीह में 116, ढेंगाडीह में 34, गादीदिघी में 27, घसकरीडीह में 84, घोसे में 38, गुनियाथर में 64, हरला में 12, हरियाडीह में 44, जमडीहा में 101, जमखोखरो में 25, खटौरी में 25, खटौरी में 29, कोसोगोंदोदिघी में 124, मानिकबाद में 61, मारुडीह में 71, नेकपुरा में 27, परसाटांड़ में 112, सलयडीह उर्फ खोरोडीह में 32, सिकरुडीह में 85, तिलकडीह में 06 योजनाओं का एमआइएस अपूर्ण हैं.
लगातार निर्देश के बाद भी योजना नहीं की गयी पूरी
लगातार निर्देश के बाद भी योजनाओं के अपूर्ण रहने को लेकर शो-कॉज किया गया. देवरी के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी गणेश कुमार ने बताया कि अधूरी योजनाओं को पूरी नहीं किये जाने पर बीडीओ ने स्पष्टीकरण मांगा गया है. स्पष्टीकरण के बाद भी योजनाओं को एमआईएस में पूरा नहीं किया गया, तो दंडनात्मक कार्रवाई की जायेगी.
