गांडेय के गांवों में नुक्कड़ नाटक के जरिये जल, जंगल और जमीन बचाने का संदेश

गांडेय प्रखंड के विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. इन नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया. साथ ही, साफ-सफाई और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.

गांडेय. अभिव्यक्ति फाउंडेशन और जीआइसीआरई, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को गांडेय प्रखंड के उदयपुर पंचायत के चरकमारा, धोबाना, महेशमुंडी समेत विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया गया.

गीत-संगीत और नाटक के माध्यम से किया जागरूक

डीएमडी अलगुंदिया एवं टीम ने गीत, संगीत और नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया. कलाकारों ने जल, जंगल और जमीन के महत्व को सरल तरीके से समझाते हुए इनके संरक्षण की आवश्यकता बतायी.

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मौके पर संस्था के क्षेत्रीय पदाधिकारी भीम प्रसाद सिंह ने ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों और किसानों से जल, जंगल और जमीन को बचाने की अपील की. उन्होंने प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

साफ-सफाई को लेकर भी दी जानकारी

भीम प्रसाद सिंह ने ग्रामीणों को साफ-सफाई के महत्व की जानकारी दी. उन्होंने स्वच्छता को स्वस्थ जीवन से जोड़ते हुए ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में राजन टुडू, डेगलाल दास, देवती देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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By Prabhat khabar news desk

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